
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। सड़क परियोजनाओं के निर्माण में गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता है। हर प्रोजेक्ट की डिजाइन सड़क सुरक्षा की दृष्टि से भी तकनीकी मानकों के अनुरूप हो। ऐसे स्थानों पर जहां क्षेत्रीय निवासियों को हो रही कठिनाइयों के कारण, सड़क परियोजनाएं लंबित हो रही हैं, वहां परस्पर संवाद और समन्वय से समाधान निकाला जाए। किसी भी स्थिति में परियोजनाओं को पूरा करने में विलंब न हो।
यह बात केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव के साथ प्रदेश में निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान कही। बैठक में प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल उपस्थित थे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का बटेश्वर (उत्तर प्रदेश) से विशेष संबंध रहा है। अटल एक्सप्रेस-वे का निर्माण बटेश्वर तक किया जाएगा।
सिंहस्थ 2028 के दृष्टिगत उज्जैन को जोड़ने वाले सभी मार्गों को तेजी से पूरा किया जाए। उन्होंने जबलपुर के शहपुरा आरओबी के क्षतिग्रस्त होने से प्रभावित आवागमन के दृष्टिगत नागरिकों की परेशानी को देखते हुए शहपुरा टोल प्लाजा पर टोल वसूली स्थगित करने के निर्देश दिए। कान्हा राष्ट्रीय उद्यान की सड़क की कनेक्टिविटी नागपुर, जबलपुर और रायपुर तक बढ़ाने के लिए आवश्यक कार्य योजना बनाने के निर्देश भी दिए।
यह भी पढ़ें- 21 साल का इंतजार खत्म, MP को मिली 351 नई सरकारी बसें, नितिन गडकरी ने दिखाई हरी झंडी
साथ ही बालाघाट जिले में बेहतर रोड नेटवर्क के लिए कार्य योजना बनाने के लिए कहा। बैठक में देवास जिले में संदलपुर से नसरूल्लागंज बाइपास, उज्जैन झालाबड़ फोरलेन, सतना-चित्रकूट फोरलेन, जबलपुर-लखनादौन-रायपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे और लौनी-बुरहानपुर लिंक के संबंध में भी चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की पहल से प्रदेश में सड़क परियोजनाओं का क्रियान्वयन तेजी से हो रहा हैं। इससे औद्योगिक गतिविधियों के साथ ही धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद मिली है।