भोपाल। दत्तोपंत ठेंगड़ी को भारत में विभिन्न् संस्थानों के निर्माण और विभिन्न् वर्गो के कल्याण के लिए हमेशा याद किया जाएगा। ब्रिटिश शासन काल के कठिन समय में भी उन्होंने जो कार्य किया, वह सराहनीय है। उन्होंने भारतीय मजदूर संघ के लिए संघर्ष किया। श्रमिकों के कल्याण से ही देश का कल्याण है। अधिवक्ताओं के लिए संगठन भी उन्हीं की देन है। यह बात मंगलवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भोपाल में दत्तोपंत ठेंगड़ी स्मृति राष्ट्रीय व्याख्यानमाला-2022 को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि कम्यूनिज्म, केपिटलिज्म का अंत करने में दत्तोपंत ठेंगड़ी की भूमिका रही है। स्व-रोजगार के क्षेत्र में भारत में स्टार्टअप तेजी से बढ़ रहे हैं। स्टार्टअप की क्रांति भारत के युवाओं की है। उन्होंने कहा, मैं हिंदी भाषी राज्य में बोलने से बचती हूं। मेरी हिंदी कमजोर हैं, लेकिन संत जैसे दत्तोपंत ठेंगड़ी की स्मृति व्याख्यान में बोलने मुझे बुलाया इसके लिए मैं आभारी हूं। उन्होंने कहा कि आज यहां राष्ट्रऋषि ठेंगड़ी की स्मृति में व्याख्यान माला में हिस्सा लेना मेरा सौभाग्य है। केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि आत्म-निर्भर भारत बनाने के लिए पहले आत्म विश्वास चाहिए, इसकी भावना राष्ट्रऋषि ठेंगड़ी की प्रेरणा से मिलती है। आर्थिक सुधार के लिए दत्तोपंत ने अभूतपूर्व कार्य किए। उन्होंने कहा कि देश में दत्तोपंत ठेंगड़ी के विजन का पालन करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उनका लक्ष्य सभी वर्गों को आगे बढ़ाने का था। रवींद्र भवन भोपाल में 21वीं सदी के वैश्विक परिदृश्य में भारत का आर्थिक सामर्थ्य विषय पर दत्तोपंत ठेंगड़ी स्मृति राष्ट्रीय व्याख्यानमाला-2022 में दत्तोपंत ठेंगड़ी स्मृति शोध संस्थान के अध्यक्ष डा.अशोक कुमार पांडेय, सचिव दीपक शर्मा, डायरेक्टर डा. मुकेश कुमार मिश्रा उपस्थित थे।

दत्तोपंत ठेंगड़ी की परिकल्पना को प्रदेश में साकार होते देखा जा सकता है

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने व्याख्यान माला को संबोधित करते हुए कहा कि ब्रिटिशकाल में देश का योगदान घटकर चार प्रतिशत और 1970 में घटकर तीन प्रतिशत रह गया। लेकिन पहले की तुलना में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में वैश्विक अर्थ-व्यवस्था में भारत का योगदान 9.5 प्रतिशत तक पहुंच गया है। दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद की तरह दत्तोपंत ठेंगड़ी ने भी समाज को संगठित करने की दिशा में अद्भुत कार्य किया। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि हमारे देश के वैज्ञानिक चमत्कार कर रहे हैं। मध्य प्रदेश भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। हमने आत्म-निर्भर भारत के लिए आत्म-निर्भर मध्य प्रदेश बनाने का तय किया है। मध्य प्रदेश में 250 स्टार्टअप बनाए जा चुके हैं, रोजगार भी मिल रहा है। दत्तोपंत ठेंगड़ी की परिकल्पना को प्रदेश में साकार होते देखा जा सकता है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि व्यक्ति का कर्त्तव्य है कि वह राष्ट्र और समाज के लिए अनुशासित हो। दत्तोपंत ने कहा था प्रकृति का दोहन करो शोषण नहीं। उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं। भारत फिर से विश्व गुरू के पथ पर अग्रसर है। भारत का सामर्थ्य दुनिया देख रही है। भारत दुनिया के कई देशों को खाद्यान्न भेज रहा है।

Posted By: Ravindra Soni

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