डिजीटल डेस्क, भोपाल। मध्यप्रदेश की सड़कों पर 21 साल लंबे इंतजार के बाद एक बार फिर 'सरकारी बस सेवा' का दौर लौट आया है। भोपाल के भेल दशहरा मैदान से केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हरी झंडी दिखाकर 351 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन' और 'प्रधानमंत्री ई-बस' सेवाओं का भव्य शुभारंभ किया।
इस कार्यक्रम में जहां 180 अत्याधुनिक ई-बसों का काफिला आकर्षण का केंद्र बना, वहीं केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के बेबाक बयानों और मुख्यमंत्री मोहन यादव के बड़े ऐलानों ने पूरे आयोजन को बेहद रोचक बना दिया।
'देश में प्रदूषण के लिए मैं जिम्मेदार' - गडकरी का बेबाक अंदाज
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अपने चिर-परिचित बेबाक अंदाज में कहा, "देश के कुल वायु प्रदूषण में करीब 40% हिस्सेदारी अकेले ट्रांसपोर्ट सेक्टर की है।
अगर देश में प्रदूषण बढ़ रहा है तो केंद्रीय मंत्री होने के नाते इसके लिए मैं जिम्मेदार हूं, और मध्यप्रदेश में प्रदूषण के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव जिम्मेदार हैं।" गडकरी ने साफ किया कि सरकार का पहला एजेंडा 'क्लीन ट्रांसपोर्ट' है, ताकि आम जनता को सस्ता, सुलभ और प्रदूषण-मुक्त सफर मिल सके।
'बसें सुधारिए, नहीं तो जैसे ठेकेदारों को रगड़ता हूं, वैसे ही रगडूंगा'
मंच से ऑल इंडिया बस एंड कार कन्फेडरेशन के अध्यक्ष प्रसन्ना पटवर्धन की ओर इशारा करते हुए गडकरी ने बसों की गुणवत्ता पर खरी-खरी सुनाई। उन्होंने कहा-
"पटवर्धन जी, आपकी बसें अभी तय मानकों पर खरी नहीं उतर रही हैं। कंपनियों से कहिए कि वे इसमें सुधार करें। नहीं तो जैसे मैं खराब काम करने वाले ठेकेदारों को रगड़ने का काम करता हूं, वैसे ही आपके क्षत्रपों को भी रगडूंगा।"
गडकरी ने यह भी कहा कि गरीबों को भी एसी बस की सुविधा मिलनी चाहिए और ई-बसों का किराया डीजल बसों की तुलना में कम से कम 30% तक कम होना चाहिए।
CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान: 'सालभर में निकलेंगी 1 लाख भर्तियां'
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युवाओं के लिए बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि राज्य सरकार आगामी एक साल के भीतर प्रदेश में 1 लाख पदों पर सरकारी भर्तियां निकालेगी।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए सीएम ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में राज्य परिवहन निगम को बंद कर दिया गया था, लेकिन बीजेपी सरकार ने प्रदेश में 5 लाख किलोमीटर से ज्यादा सड़कों का जाल बिछाया है और अब 75% ग्राम पंचायतों को सीधे बस सेवा से जोड़ा जाएगा। राहुल गांधी का नाम लिए बिना तंज कसते हुए सीएम बोले-
"एक राजकुमार हैं जो मानते ही नहीं... उन्हें लगता है कि वे प्रधानमंत्री बनने के लिए ही पैदा हुए हैं, लेकिन यह लोकतंत्र है और जनता सब जानती है।"
उन्होंने भोपाल से बीआरटीएस हटाने और दशकों पुराने यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के निष्पादन को अपनी सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति बताया।
'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा'- एक नजर में प्रमुख बातें
शुरुआती बेड़ा- 351 बसें (180 इलेक्ट्रिक + 171 आधुनिक बसें)
किराया - 2 रुपये प्रति किलोमीटर (PPP मॉडल पर संचालन) |
7 प्रमुख शहर- इंदौर (145), भोपाल (106), जबलपुर (67), रीवा (18), देवास (10), कटनी (3), भिंड (2) |
भविष्य का लक्ष्य- पहले साल 1,500 बसें और वर्ष 2031 तक 15,000 बसें चलाने का लक्ष्य |
तकनीकी विशेषताएं- 423.9 kWh LFP बैटरी, 12 मीटर लंबाई, एयर सस्पेंशन, EBS-ESC ब्रेकिंग व रियल टाइम मॉनिटरिंग |
गडकरी और सीएम ने खुद बस में बैठकर किया सफर
शुभारंभ के बाद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद नई ई-बस में सवार हुए। दोनों नेताओं ने बस के अंदर बैठकर यात्री सुविधाओं, लेगरूम, एयर वेंट और सुरक्षा मानकों का बारीकी से जायजा लिया। PWD मंत्री राकेश सिंह और परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने इसे मध्यप्रदेश के परिवहन इतिहास में स्वर्णिम अध्याय करार दिया।