नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय में मार्कशीट गड़बड़ी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पांच हजार से अधिक शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन्स ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने गुरुवार को मोर्चा खोल दिया।
जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने रजिस्ट्रार को ज्ञापन सौंपा।
5 हजार शिकायतें पेंडिंग
आरोप है कि पिछले तीन महीनों में मार्कशीट को लेकर पांच हजार से ज्यादा शिकायतें आई हैं। विश्वविद्यालय से जुड़े करीब 350 कॉलेजों के तीन लाख विद्यार्थी प्रभावित हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन और आउटसोर्स एजेंसी गंभीर नहीं है।
छात्रों की शिकायत है कि परीक्षा देने के बाद भी मार्कशीट में अबसेंट दिखा दिया जा रहा है। अंकों में हेरफेर, गलत विषय दर्ज करना आम हो गया है।
आउटसोर्स एजेंसी की लापरवाही से हजारों छात्रों का भविष्य दांव पर है। मार्कशीट में गड़बड़ी से प्रवेश, छात्रवृत्ति और नौकरी के मौके तक प्रभावित हो रहे हैं।इसके लिए एनएसयूआई ने 10 सूत्रीय मांगें रखीं।
जांच की मांग
पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच, दोषी आउटसोर्स एजेंसी को ब्लैकलिस्ट कर एफआईआर, सात दिन में सभी शिकायतों का निराकरण, त्रुटिपूर्ण मार्कशीट को निश्शुल्क सुधार कर देना, आउटसोर्स व्यवस्था खत्म कर काम विश्वविद्यालय के सीधे नियंत्रण में लेना प्रमुख मांगों में शामिल है।
साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने, कंपनी का टेंडर निरस्त कर नई पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया शुरू करने और कैंपस में विशेष हेल्पडेस्क बनाने की मांग भी की गई। इसके लिए एनएसयूआई ने सात दिन का अल्टीमेटम दिया है।
अधर में छात्रों का भविष्य
जिला अध्यक्ष तोमर ने कहा कि मार्कशीट सामान्य कागज नहीं है। एक गलती पूरा साल खराब कर सकती है। अगर समय पर निराकरण नहीं हुआ तो विश्वविद्यालय के सामने उग्र प्रदर्शन और तालाबंदी करेंगे। ज्ञापन के दौरान आशीष शर्मा, विकास ठाकुर, प्रतीक यादव, अमित हाटिया, धीरज वर्मा, विनोद प्रजापति, त्रिशिक चौबे मौजूद रहे।