यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Nursing fraud in MP: नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़ा में तत्कालीन रजिस्ट्रार चंद्रकला दिगवैया भी बर्खास्त, यह है आरोप
जानकारी के अनुसार मापदंड के अनुसार नहीं होने के बाद भी काॅलेजों की उपयुक्त रिपोर्ट देने वाले अन्य छह अधिकारी-कर्मचारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाए...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 23 Jun 2024 07:39:34 AM (IST)Updated Date: Sun, 23 Jun 2024 07:39:34 AM (IST)
हाई कोर्ट द्वारा गठित टीम और सीबीआई की जांच में कुल कॉलेज अपात्र मिले हैं।- सांकेतिक चित्र।HighLights
- मध्य प्रदेश में नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़ा मामले में सरकार की कार्रवाई।
- काॅलेजों को मान्यता देने में निर्धारित मापदंडों की अनदेखी की गई।
- सरकार ने दो पूर्व रजिस्ट्रार को अनियमितता के मामले में किया निलंबित।
राज्य ब्यूरो, भोपाल। नर्सिंग फर्जीवाड़े में तत्कालीन रजिस्ट्रार चंद्रकला दिगवैया को भी बर्खास्त कर दिया गया है। मध्य प्रदेश शासन ने देर रात उनकी बर्खास्तगी का आदेश जारी कर दिया है।
दिगवैया पर आरोप है कि उन्होंने नर्सिंग काॅलेजों को मान्यता देने में निर्धारित मापदंडों की अनदेखी की। कई ऐसी संस्थाओं को मान्यता दी गई, जो पात्र नहीं थे।
बाद में हाई कोर्ट द्वारा गठित टीम और सीबीआई की जांच में ये कॉलेज अपात्र मिले हैं। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव विवेक पोरवाल ने दिगवैया की बर्खास्तगी की पुष्टि की है। बता दें कि शुक्रवार को ही एक अन्य तत्कालीन रजिस्ट्रार सुनीता शिजू को बर्खास्त किया गया था।
अब मापदंड के अनुसार नहीं होने के बाद भी काॅलेजों की उपयुक्त रिपोर्ट देने वाले अन्य छह अधिकारी-कर्मचारियों के निलंबन और बर्खास्तगी की भी तैयारी है। इनमें एक कर्मचारी सेवानिवृत भी हो गई हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2021-22 में कुल 10 नर्सिंग महाविद्यालयों को नियम विरुद्ध तरीके से इस सत्र के लिए मान्यता दी गई थी। बाद में विभिन्न कारणों से मापदंडों के अनुरूप न होने से निरस्त की गई।
इन संस्थाओं में से आठ को निरीक्षणकर्ताओं की प्रतिकूल निरीक्षण रिपोर्ट के बावजूद तत्कालीन रजिस्ट्रार सुनीता शिजू द्वारा मान्यता दी गई थी। इस पर शिजू को बर्खास्त कर दिया गया है।
अन्य दो नर्सिंग संस्थाओं वैष्णवी काॅलेज इंदौर एवं आरडीएम नर्सिंग काॅलेज, उमरिया को निरीक्षणकर्ताओं की अनुकूल रिपोर्ट के आधार पर मान्यता प्रदान की गई, जो बाद में विभिन्न कारणों से मापदंड के अनुसार नहीं होने से निरस्त की गई।
इस पर संज्ञान लेते हुए उन नर्सिंग संस्थाओं के छह निरीक्षणकर्ताओं को संबंधित शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के डीन द्वारा जल्द अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इनमें मेडिकल काॅलेजों के फैकल्टी और स्टाफ नर्स शामिल हैं।