
इस साल प्रदेश का पहला मामला, मृतक जेपी अस्पताल का कर्मचारी
भोपाल (नप्र)। राजधानी में गुरुवार को डेंगू से एक मरीज की मौत हो गई है। डेंगू से यह इस साल प्रदेश की पहली मौत है। इसके अलावा तीन दिन के भीतर राजधानी के अलग-अलग इलाके में इस बीमारी के 8 मरीज मिल चुके हैें। यही स्थिति रही तो आने वाले दिनों में डेंगू कहर बरपा सकता है।
सूत्रों ने बताया कि जेपी अस्पताल के कर्मचारी फूल रावत (53) को 22 जून को बुखार आने पर उसी अस्पताल के डॉक्टरों ने दवा दे दी थी। लिवर संबंधी तकलीफ होने के चलते परिजनों ने 5 जुलाई को उन्हें ग्लोबस अस्पताल में भर्ती कराया था। बाद में बंसल अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया था।
यहां उन्हें खून की उल्टियां हो रही थी, इसलिए डॉक्टरों को डेंगू की आशंका हुई। जांच में बुधवार को मलेरिया विभाग की लैब से डेंगू की पुष्टि हुई थी। गुरुवार सुबह अस्पताल में ही मरीज की मौत हो गई। जेपी अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें लिवर संबंधी कुछ दिक्कतें भी थीं।
डेंगू के लक्षण
-तेज बुखार
-सिर दर्द
-जी मचलाना
-नाक बहना
-शरीर पर लाल चकते
-आंतरिक हिस्सों में रक्तस्राव
बारिश नहीं होने से बढ़ रहे डेंगू के मरीज
पिछले साल बारिश 11 जून से ही शुरू हो गई थी। इसके बाद भी 30 जुलाई तक भोपाल में डेंगू के महज नौ मरीज ही मिले थे। इनमें छह भोपाल और बाकी दूसरे जिलों के थे। इस साल जुलाई में अब तक 13 मरीज मिल चुके हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों के मुताबिक इसकी बड़ी वजह गर्मी और नमी है, जो डेंगू के मच्छर के लिए अनुकूल है।
पालीवाल अस्पताल के संचालक डॉ. जेपी पॉलीवाल ने बताया कि पिछले साल जुलाई तक काफी बारिश हो चुकी थी। मौसम में काफी ठंडक थी, इस वजह से डेंगू के केस कम मिले थे। इस साल छुटपुट बारिश हो रही है। मौसम में गर्मी के साथ नमी भी है, इस कारण केस ज्यादा मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजधानी में डेंगू-मलेरिया केस की रिपोर्टिंग भी अच्छी है, इस कारण मरीजों की संख्या ज्यादा है। गौरतलब है कि पिछले साल अगस्त के बाद डेंगू मरीजों की संख्या बढ़ी थी। साल के अंत तक 165 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई थी। हालांकि, ये सभी मरीज ठीक हो गए थे।
डेंगू के पाजीटिव मरीज और मौत
वर्ष भोपाल मप्र
2009 228 1467 (5)
2010 79 175 (1)
2011 6 50 (0)
2012 30 239 (6)
2013 165 417 (8)
नोटः ब्रेकेट में मौत के आंकड़े हैं।
ये हैं सेंसटिव जोन
टीटी नगर, कोलार, अरेरा कॉलोनी, इंद्रपुरी, शाहपुरा और मीनाल रेसीडेंसी।
डेंगू का मच्छर घर के साफ पानी में पनपता है। बारिश के बाद मौसम में कुछ ठंडक आ गई है। इस कारण लोगों ने कूलर बंद कर लिए है। डेंगू के मच्छर कूलर के पानी में ज्यादा पैदा होते हैं। जहां भी डेंगू के मरीज मिल रहे हैं, उनके घर के आसपास 50 घरों में दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है।
डॉ. केबी वाजपेयी, जिला मलेरिया अधिकारी