
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने पतंजलि गाय घी के एक बैच को स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित पाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। प्रयोगशाला की जांच में इस घी के 200 एमएल पैक वाले एफएडब्ल्यूबी-260017 बैच के नमूने में सीसे की मात्रा निर्धारित सीमा से पांच गुना अधिक पाई गई है।
नियमानुसार घी में सीसे की मात्रा अधिकतम 0.02 मिलीग्राम प्रति किलो होनी चाहिए, लेकिन जांच में लिए गए नमूने में 0.10 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम सीसा पाया गया। इस मात्रा को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है।
जांच के लिए नमूना गत 10 अगस्त को छिंदवाड़ा जिले के तामिया (देलाखारी) स्थित अनिल किराना से लिया गया था। नौ अक्टूबर को भोपाल स्थित केली प्राइवेट लिमिटेड प्रयोगशाला की रिपोर्ट में इसे असुरक्षित घोषित किया गया। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य विभाग ने तत्काल कार्रवाई शुरू की।
मध्य प्रदेश खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक मनोज पुष्प ने बताया कि अब प्रदेश में इस बैच के पतंजलि गाय घी की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
इसके साथ ही निर्माता पतंजलि फूड लिमिटेड को आदेश जारी किया गया है कि वह देश भर के बाजार, डिस्ट्रीब्यूटर और रिटेलरों से इस बैच का पूरा स्टाक 24 घंटे में वापस (रिकॉल) मंगाए। वापस मंगाए गए स्टाक पर स्पष्ट रूप से 'फूड रिकॉल-नॉट फॉर सेल' अंकित करने के साथ ही उसे नष्ट करने का बैचवार हिसाब भी विभाग ने मांगा है।
चूंकि इस घी का निर्माण स्थल महाराष्ट्र में है, इसलिए मध्य प्रदेश खाद्य विभाग ने महाराष्ट्र फूड कमिश्नर को भी पत्र लिखकर पूरे देश से किए जा रहे रिकॉल की निगरानी करने को कहा है।