
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। सरकार एक तरफ जहां एक वर्ष में ही दूसरी बार पदोन्नति देने की तैयारी कर रही है, वहीं एक स्पष्टीकरण जारी न होने के कारण हजारों कर्मचारियों की पदोन्नतियां अटकी हुई हैं।
दरअसल, चतुर्थ से तृतीय श्रेणी में पदोन्नति के लिए कंप्यूटर दक्षता प्रमाणीकरण परीक्षा (सीपीसीटी) उत्तीर्ण होने की अनिवार्यता है। इसके आधार पर कई कर्मचारियों की पदोन्नतियां निरस्त की जा चुकी हैं।
अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सामान्य प्रशासन विभाग ने सीपीसीटी को लेकर स्पष्टीकरण जारी करने परिपत्र का प्रारूप तैयार करके मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल के अनुमोदन के लिए भेजा है। दो-तीन दिन में पदोन्नति का रास्ता साफ होने की संभावना है।
प्रदेश में 1 दिसंबर, 2025 की स्थिति में जून 2026 से पदोन्नतियां दी गई हैं। कृषि, उद्योग सहित अन्य विभागों ने चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को तृतीय श्रेणी के पदों पर पदोन्नतियां दी थीं, लेकिन सीपीसीटी उत्तीर्ण न होने के बाद भी पदोन्नति देने को लेकर शिकायत हुई तो सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि नियम में छूट केवल शीघ्रलेखन के लिए दी गई थी, सीपीसीटी उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। इसके आधार पर विभागों ने पदोन्नत कर्मचारियों को पदावनत कर दिया।
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मुख्यमंत्री तक कर्मचारी संगठनों ने यह बात पहुंचाई और पुराने दिशा-निर्देशों का हवाला दिया, जिसमें 45 वर्ष से अधिक आयु के कर्मचारियों को छूट दी गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने सामान्य प्रशासन विभाग को नोटशीट लिखी और बीच का रास्ता निकालने के लिए कहा।
विभाग ने पुराने परिपत्र दिखवाए और छूट देने संबंधी परिपत्र का प्रारूप तैयार करके मुख्य सचिव को अनुमोदन के लिए भेजा है। राज्य कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रमेशचंद्र शर्मा का कहना है कि हम सामान्य प्रशासन विभाग के संपर्क में हैं। सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। दो-तीन दिन में स्पष्टीकरण जारी होने की संभावना है।