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MP में पेट्रोल-डीजल लेने पर अब देना होगा हिसाब! 5 हजार से ज्यादा के पेट्रोल और 10 हजार के डीजल पर बताना होगा कारण

जिले में तेल कंपनियों द्वारा पेट्रोल पंपों को तय सीमा से अधिक पेट्रोल-डीजल नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में पंप उपभोक्ताओं की मांग के अनुरूप पेट्रोल-डीजल ...और पढ़ें

By Madanmohan malviyaEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Thu, 21 May 2026 10:03:39 PM (IST)Updated Date: Fri, 22 May 2026 07:22:16 AM (IST)
MP में पेट्रोल-डीजल लेने पर अब देना होगा हिसाब! 5 हजार से ज्यादा के पेट्रोल और 10 हजार के डीजल पर बताना होगा कारण
MP में पेट्रोल-डीजल लेने पर अब देना होगा हिसाब

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। जिले में तेल कंपनियों द्वारा पेट्रोल पंपों को तय सीमा से अधिक पेट्रोल-डीजल नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में पंप उपभोक्ताओं की मांग के अनुरूप पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं, इसी समस्या के बीच कुछ पंपों पर स्टॉक की कमी तक हो रही है। ऐसे में समस्या का समाधान करने के लिए कलेक्ट्रेट में गुरुवार को तेल कंपनी, पेट्रोल पंप संचालक व खाद्य विभाग की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। जिसमें पंप संचालकों के एसोसिएशन ने बताया कि उनको समय पर और पर्याप्त पेट्रोल-डीजल नहीं मिल रहा है, जबकि तेल कंपनियों का दावा है कि नियमित रूप से पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति की जा रही है।

5 हजार से अधिक के पेट्रोल पर बताना होगा कारण

साथ ही संचालकों ने कहा कि यदि वह ग्राहकों की मांग के अनुसार पेट्रोल-डीजल आपूर्ति कर देते हैं तो कंपनियां उन्हें नोटिस थमा देती हैं, जबकि कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि पांच हजार से अधिक का पेट्रोल व 10 हजार रुपये से अधिक का डीजल देने पर कारण बताना होगा। जानकारी के अनुसार जिले में इंडियन ऑयल, भारत, एचपी सहित अन्य कंपनियों के मिलाकर कुल 192 पेट्रोल पंप स्थित हैं, जिन पर प्रतिदिन 12 लाख लीटर डीजल, नौ लाख लीटर पेट्रोल की खपत होती है। ऐसे में बुधवार को कटारे पेट्रोल पंप और रायसेन रोड स्थित प्रभात पेट्रोल पंप पर स्टॉक खत्म होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों, संचालकों और खाद्य विभाग के अधिकारियों ने कलेक्ट्रेट में बैठक रखी।


कंपनियों की दलील- 20 प्रतिशत बढ़ी खपत

जिसमें कंपनियों ने बताया कि पेट्रोल व डीजल की किसी तरह की कोई किल्लत नहीं है, बल्कि पहले की अपेक्षा 20 प्रतिशत खपत अधिक हो रही है। दोनों पंपों के द्वारा विस्फोटक लाइसेंसों का नवीनीकरण नहीं करवाया था, जिस वजह से उन्हें आपूर्ति नहीं की गई है। जबकि अन्य सभी पंपों पर स्थिति सामान्य बनी हुई है। इंडियन ऑयल कंपनी द्वारा बताया गया कि 180 टैंकरों से पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति की जा रही है, किसी तरह की कोई किल्लत या परेशानी नहीं है। इस पर मध्यप्रदेश पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने बताया कि जब किसी तरह की कोई समस्या नहीं है तो पंपों पर मांग के अनुरूप पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं दिया जा रहा है? हर दिन कोई न कोई पंप पर स्टॉक खत्म क्यों हो रहा है? इस पर कंपनियों ने बताया कि तय सीमा के तहत नियमानुसार आपूर्ति की जा रही है, यदि अधिक पेट्रोल-डीजल चाहिए तो उसके लिए पहले कारण स्पष्ट करना होगा।

औद्योगिक कार्य के लिए मिलेगा सिर्फ 150 रुपये प्रति लीटर वाला डीजल

औद्योगिक कार्य के लिए मिलेगा सिर्फ 150 रुपये प्रति लीटर वाला डीजल। कंपनियों ने बैठक में बताया कि पांच हजार रुपये से अधिक का पेट्रोल व 10 हजार रुपये से अधिक का डीजल लेने पर उपभोक्ताओं से संचालकों को कारण पूछना होगा। यदि कोई उपभोक्ता डीजल अधिक मात्रा में लेता है और औद्योगिक कार्य के लिए उपयोग होना बताता है तो ऐसे में उसको बल्क में 150 रुपये प्रति लीटर वाला ही डीजल उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके लिए औद्योगिक इकाई या निर्माण स्थल पर ही डीजल पहुंचा दिया जाएगा।

यदि कंपनियों द्वारा कहा जा रहा है कि किसी तरह की कोई कमी नहीं है, नियमित आपूर्ति की जा रही है। ऐसे में पंप मालिकों को मांग के अनुसार पेट्रोल-डीजल उपलब्ध करवाया जाए। इससे बाजार में किल्लत नहीं होगी, वहीं डीजल उपभोक्ताओं की सीमा तय करने से यदि आपूर्ति नहीं करते हैं तो विवाद होता है ऐसे में इसे भी बढ़ाया जाए। अजय सिंह, अध्यक्ष, मध्यप्रदेश पेट्रोल पंप एसोसिएशन

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