MP में फरार अपराधियों की अब खैर नहीं; बैंक, IT और ट्रांसपोर्ट विभाग से पुलिस जुटाएगी ब्योरा, होगी कुर्की
फरार आरोपियों की चल-अचल संपत्ति की पहचान के लिए पुलिस राजस्व विभाग, नगरीय निकाय, बैंक, आयकर विभाग और परिवहन विभाग से विवरण लेगी। पुलिस मुख्यालय से अधि...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 23 Sep 2026 11:54:26 PM (IST)Updated Date: Wed, 23 Sep 2026 11:54:26 PM (IST)
प्रतीकात्मक फोटो।HighLights
- फरार आरोपितों की चल-अचल संपत्ति का चिट्ठा तैयार करेगी पुलिस
- राजस्व, नगरीय निकाय, बैंक, आयकर और परिवहन विभाग से जानकारी ली जाएगी
- कुर्की की कार्रवाई के लिए पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को निर्देश दिए
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद भी पुलिस की पकड़ से बाहर रहने वाले आरोपितों की संपत्ति की कुर्की के लिए पुलिस मुख्यालय अब केंद्र की एजेंसियों के साथ ही राज्य शासन के विभिन्न विभागों का सहयोग लेगा।
उनकी चल-अचल संपत्ति की पहचान के लिए पुलिस राजस्व विभाग, नगरीय निकाय, बैंक, आयकर विभाग और परिवहन विभाग से विवरण लेगी। इसके लिए पुलिस मुख्यालय ने भोपाल और इंदौर के पुलिस आयुक्तों सहित सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं।
सभी विभागों से जुटाई जाएगी जानकारी
आरोपित के नाम दर्ज जमीन और मकान सहित अन्य अचल संपत्ति का पता लगाने के लिए राजस्व विभाग से जानकारी लेने को कहा गया है। उसका निवास कहां है और उसकी संपत्ति किस स्थान पर है, इसकी जानकारी के लिए ग्राम पंचायत सचिव, नगरीय निकाय और उप पंजीयक कार्यालय से भी रिकॉर्ड लिया जा सकेगा।
पुलिस आरोपित के बैंक खातों की जानकारी लेकर उनमें जमा राशि का पता लगाएगी। पैन कार्ड और अन्य व्यक्तिगत विवरण के आधार पर उसके नाम पर शेयर, ऋणपत्र और बांड जैसी चल संपत्तियों की जानकारी भी जुटाई जाएगी।
इनकम टैक्स और ट्रांसपोर्ट विभाग से होगा समन्वय
आयकर विभाग से आरोपित के आयकर रिटर्न (आईटीआर) की जानकारी लेने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, परिवहन विभाग से आरोपित के नाम पर पंजीकृत वाहनों का विवरण हासिल किया जाएगा। पुलिस मुख्यालय ने कहा है कि अन्य उपलब्ध माध्यमों से भी आरोपित की संपत्ति की जानकारी जुटाई जा सकती है।
बीएनएसएस की संबंधित धाराओं के तहत इन विभागों से जानकारी जुटाने की प्रक्रिया तय की गई है। विभागों से प्राप्त जानकारी के आधार पर पुलिस आरोपित की चल-अचल संपत्ति का ब्योरा तैयार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर सकेगी।
पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों का मानना है कि संपत्ति कुर्क होने की कार्रवाई से आरोपित न्यायालय के सामने जल्दी प्रस्तुत हो सकते हैं।