
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। हाई कोर्ट जबलपुर में पिछड़ा वर्ग को सरकारी नौकरियों में 27 प्रतिशत आरक्षण के मामले में प्रतिदिन सुनवाई हो रही है। जैसे-जैसे यह आगे बढ़ रही है, वैसे राजनीति भी गरमाने लगी है। ओबीसी महासभा ने 27 प्रतिशत आरक्षण देने के साथ जो 13 प्रतिशत पद रोककर रखे हैं, उन पर नियुक्ति करने की मांग को लेकर बीस जुलाई को विधानसभा का घेराव करने की घोषणा कर दी है। कांग्रेस ने इसे समर्थन दिया है।
दरअसल, कांग्रेस सरकार के समय में ही ओबीसी का आरक्षण 14 से बढ़ाकर 27 प्रतिशत किया गया था, लेकिन इसका लाभ कम लोगों को ही मिल पाया और मामला कोर्ट में उलझ गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी पक्षों को ओबीसी के हित में एक साथ लाने की पहल की और प्रयास किया कि इस मामले का निराकरण जल्द हो जाए, ताकि इसका लाभ मिलना प्रारंभ हो जाए।
प्रदेश की राजनीति के केंद्र में ओबीसी राजनीति तब आई जब तत्कालीन कमल नाथ सरकार ने ओबीसी आरक्षण 14 से बढ़ाकर 27 प्रतिशत कर दिया। हालांकि, पार्टी को लोकसभा चुनाव में इसका लाभ नहीं मिला। इस बीच इसे हाई कोर्ट में चुनौती दी गई और क्रियान्वयन पर रोक लग गई। इसे लेकर भाजपा-कांग्रेस में आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा मगर न्यायालय से कोई समाधान नहीं निकला।
ओबीसी महासभा की राष्ट्रीय कोर कमेटी के सदस्य लोकेंद्र गुर्जर का कहना है कि 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण का मामला कभी हाई कोर्ट में चलता है तो कभी सुप्रीम कोर्ट में। हाई कोर्ट में 15 जुलाई से लगातार सुनवाई चल रही है। ओबीसी समाज का स्पष्ट मत है कि राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण यह मामला अटका हुआ है।
इसकी वजह से प्रदेश के लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है, इसलिए महासभा ने निर्णय लिया है कि 20 जुलाई भोपाल में विधानसभा का घेराव कर सरकार से यह मांग की जाएगी कि वह 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण के पक्ष में पूरी मजबूती के साथ आवश्यक कानूनी एवं संवैधानिक कदम उठाए।
13 प्रतिशत रोके गए पदों का स्थायी समाधान किया जाए। संविधान के अनुच्छेद 340 के अनुरूप ओबीसी उप-वर्गीकरण लागू किया जाए। जातिगत जनगणना कर उसके आधार पर नीतियां बनाई जाएं।
यह भी पढ़ें- इंदौर-खंडवा नई ब्रॉडगेज रेलवे लाइन पर चोरल में ट्रैक की मार्किंग की शुरू, मोरटक्का के आसपास अर्थवर्क लगभग पूरा
कांग्रेस से विधायक पूर्व मंत्री सचिन यादव ने कहा कि हमारा ओबीसी महासभा के आंदोलन को पूरा समर्थन है। ओबीसी वर्ग के साथ सरकार अन्याय कर रही है। जबकि, पार्टी स्पष्ट रूप से सरकार से कह चुकी है कि वह ओबीसी के हित में उठे कदमों के साथ रहेगी। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा बुलाई सर्वदलीय बैठक में भी इसलिए ही गए थे क्योंकि यह विषय राजनीति का नहीं समाज हित का है।