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अब नहीं चलेगा साइन करो और गायब हो जाओ, सरकारी दफ्तरों में लगेगा बायोमेट्रिक सिस्टम

मध्य प्रदेश के सरकारी कार्यालयों में मैनुअल हाजिरी की जगह बायोमेट्रिक सिस्टम लागू होगा। मंत्रालय, सतपुड़ा और विंध्याचल भवन से शुरुआत कर कर्मचारियों की...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Anurag Mishra
Publish Date: Fri, 11 Sep 2026 03:15:17 PM (IST)Updated Date: Fri, 11 Sep 2026 03:15:17 PM (IST)
अब नहीं चलेगा साइन करो और गायब हो जाओ, सरकारी दफ्तरों में लगेगा बायोमेट्रिक सिस्टम
काम से जी चुराने वाले कर्मचारियों पर अब जल्द ही नकेल कसने वाली है। (एआई जनरेटेड)

HighLights

  1. सरकारी दफ्तरों में जल्द बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम लागू होगा।
  2. मंत्रालय, सतपुड़ा और विंध्याचल भवन से शुरुआत होगी।
  3. सिस्टम कर्मचारियों के आने-जाने का डिजिटल रिकॉर्ड रखेगा।

डिजिटल डेस्क: मध्य प्रदेश के सरकारी कार्यालयों में लेटलतीफी और काम से जी चुराने वाले कर्मचारियों पर अब जल्द ही नकेल कसने वाली है। मुख्यमंत्री द्वारा प्रशासनिक अनुशासन और समय की पाबंदी पर बार-बार जोर दिए जाने के बावजूद, कर्मचारियों का समय पर दफ्तर न पहुंचना सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

इसी 'साइन-एंड-वैनिश' (हाजिरी लगाओ और गायब हो जाओ) कल्चर को खत्म करने के लिए राज्य सरकार अब एक फुलप्रूफ व्यवस्था लागू करने जा रही है। जल्द ही दफ्तरों में मैनुअल रजिस्टर की जगह 'बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम' लेगा, जो कर्मचारियों के आने और जाने का सटीक डिजिटल रिकॉर्ड रखेगा।


सचिवालय, सतपुड़ा और विंध्याचल भवन से होगी शुरुआत

दफ्तरों में कर्मचारियों की उपस्थिति की निगरानी को सख्त करने के लिए सरकार अगले कुछ महीनों में इस डिजिटल प्रणाली को लागू कर देगी। जानकारी के अनुसार, इसकी शुरुआत राजधानी भोपाल के राज्य सचिवालय (मंत्रालय) और उससे लगे सतपुड़ा व विंध्याचल भवन से की जाएगी। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से इसे प्रदेश के अन्य सभी सरकारी कार्यालयों में अनिवार्य कर दिया जाएगा।

साल में सिर्फ 168 दिन काम,

  • सबसे हैरानी की बात यह है कि सरकारी कर्मचारियों को साल भर में बड़े पैमाने पर छुट्टियां मिलती हैं। 2021 से पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह लागू होने के बाद, साल में 104 दिन तो केवल शनिवार-रविवार के अवकाश होते हैं। इसके अलावा 63 दिन की विभिन्न छुट्टियां (30 ईएल, 13 कैजुअल, 20 मेडिकल) और 30 दिन के सरकारी व ऐच्छिक अवकाश मिलते हैं।

  • इस तरह 365 दिन में कुल 197 दिन की छुट्टियां होती हैं। कर्मचारियों को साल में केवल 168 दिन ही काम करना होता है। उसके बावजूद उनका सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक के निर्धारित समय का पालन न करना एक बड़ी समस्या है।
  • हाजिरी रजिस्टर की कमियों का उठाया जा रहा था फायदा

    • वर्तमान में कर्मचारी अपने-अपने विभागों में रखे रजिस्टर में हस्ताक्षर करके उपस्थिति दर्ज करते हैं। लेकिन इस पुरानी व्यवस्था में यह पता लगाने का कोई पुख्ता तरीका नहीं है कि कर्मचारी पूरे समय दफ्तर में रहा या नहीं।
    • अक्सर यह देखा जाता है कि कई कर्मचारी सुबह आकर रजिस्टर में साइन करते हैं और फिर निजी कामों से बाहर चले जाते हैं। वहीं, कुछ लोग सीनियर अधिकारियों के दफ्तर से निकलते ही अपनी सीट छोड़ देते हैं। बायोमेट्रिक सिस्टम आने से एंट्री और एग्जिट दोनों का टाइम दर्ज होगा, जिससे इस धांधली पर पूरी तरह से रोक लगेगी।

    बार-बार चेतावनियों के बाद उठाया गया सख्त कदम

    • इस साल सरकार की तरफ से अनुशासन और समय की पाबंदी को लेकर अब तक कम से कम तीन बार (जनवरी, मई और अगस्त में) निर्देश जारी किए जा चुके हैं। 15 मई को सरकार ने सचिवालय स्तर के कर्मचारियों के लिए प्रस्तावित बायोमेट्रिक प्रणाली की समीक्षा भी की थी।
    • हाल ही में 25 अगस्त को सरकार ने फिर से स्पष्ट किया है कि प्रदेश भर के सरकारी दफ्तरों में बायोमेट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य रूप से लागू की जा रही है। अधिकारी अब इस नई व्यवस्था को जमीन पर उतारने की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं।

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