संत हिरदाराम नगर । Ban on Pre Wedding Shoot सिंधी समाज के युवक-युवतियां अब विवाह से पहले किसी सार्वजनिक स्थान या पार्क में जाकर फिल्मी हीरो-हीरोइन की तरह प्री-वेडिंग फोटो एवं वीडियो शूटिंग नहीं कर सकेंगे। पूज्य सिंधी पंचायत ने इस पर रोक लगा दी है। पंचायत ने मृत्यु भोज की परंपरा समाप्त करने का प्रस्ताव भी पास किया है। इस प्रस्ताव को साधारण सभा में पेश किया जाएगा। प्रस्ताव पारित होते ही पदाधिकारी तेरहवीं में शामिल नहीं होंगे।

अध्यक्ष एसबी रीझवानी की अध्यक्षता में हुई पदाधिकारियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। महासचिव माधु चांदवानी ने बताया कि पिछले कुछ समय से सगाई के बाद युवक-युवतियां किसी प्रसिद्ध स्थान पर जाकर प्री-वेडिंग फोटो शूट कराने लगे हैं। यह फोटो युवा सोशल मीडिया पर शेयर कर देते हैं। विवाह रिसेप्शन के समय वीडियो का प्रसारण किया जाता है। शूटिंग के दौरान कई बार मर्यादाओं को अनदेखा कर दिया जाता है। पंचायत ने इससे बचने की सलाह दी है।

प्री-वेडिंग शूट पर रोक की जरूरत क्यों?

हाल के दिनों में कई ऐसे मामले सामने आए जब विवाह से पहले युवक-युवतियों ने प्री-वेडिंग शूटिंग करवा ली। फोटो एवं वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, लेकिन बाद में किन्हीं कारणों से रिश्ता टूट गया। ऐसे में युवती एवं उसके परिवार को शर्मिंदा होना पड़ा। इस कारण पंचायत को इस पर रोक लगाने की जरूरत महसूस हुई।

पंचायत ने मृत्यु भोज पूरी तरह बंद करने पर जोर दिया है। तेरहवीं में केवल रिश्तेदारों को ही आमंत्रित करने की अपील की गई है। साथ ही बरात में शराब का सेवन न करने व कॉकटेल पार्टियां नहीं करने की अपील भी की गई है। बैठक में परसराम आसनानी, नंद दादलानी, हरीश मेहरचंदानी, माधवदास पारदासानी, भरत आसवानी एवं जेठानंद ठाकी आदि मौजूद थे।

- प्री-वेडिंग शूट पर रोक लगाने का मकसद वधु पक्ष की गरिमा को बनाए रखना है। फोटोग्राफी एवं वीडियो शूटिंग पर बड़ी रकम खर्च होती है, इससे मध्यम परिवारों को राहत मिलेगी। छह मार्च को साधारण सभा से स्वीकृति ली जाएगी। - माधु चांदवानी, महासचिव पूज्य सिंधी पंचायत

Posted By: Sandeep Chourey