
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। प्रदेश में कार्यरत शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की तैयारियां अंतिम दौर में हैं। कर्मचारी चयन मंडल ने परीक्षा आयोजन की तैयारी शुरू कर दी है। इधर स्कूल शिक्षा विभाग इस परीक्षा से शिक्षकों को बचाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने जा रहा है।
दरअसल, कुछ महीने पहले टीईटी परीक्षा से छूट वाली याचिकाओं के खारिज हो जाने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने परीक्षा आयोजन पर जोर बढ़ा दिया था।
परीक्षा आयोजित करने का जिम्मा कर्मचारी चयन मंडल को दिया गया है। मंडल ने स्कूल शिक्षा विभाग से शिक्षकों का जिलेवार ब्योरा मांगा है। इसके आधार पर प्रत्येक जिले में परीक्षा केंद्रों की संख्या तय की जाएगी।
मंडल का प्रयास है कि शिक्षकों को परीक्षा देने के लिए दूसरे जिलों में लंबी दूरी तय न करनी पड़े और अधिकतम परीक्षाएं जिला मुख्यालयों पर ही आयोजित हों। हालांकि नए बने जिलों के जिला मुख्यालयों को अभी केंद्र नहीं बनाया जा रहा है। परीक्षाएं केवल 50 जिला मुख्यालयों पर होंगी।
इधर स्कूल शिक्षा विभाग ने समर्थ पोर्टल के माध्यम से शिक्षकों की ऑनलाइन कोचिंग शुरू करा दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह परीक्षा अगस्त के अंतिम सप्ताह या सितंबर के पहले सप्ताह में होगी। इस बीच शिक्षक संगठनों के दबाव की वजह से शिक्षकों को टीईटी से छूट दिलाने की नई कवायद शुरू हुई है।
इसके तहत स्कूल शिक्षा विभाग वर्ष 2005 से 2009 के बीच नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट दिलाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में नई याचिका की संभावना तलाश रहा है। विभाग का तर्क है कि इन शिक्षकों की नियुक्ति तत्कालीन व्यापमं (व्यावसायिक परीक्षा मंडल) द्वारा आयोजित चयन परीक्षा के आधार पर हुई थी। ऐसे में उन्हें दोबारा टीईटी देना न्यायसंगत नहीं होगा।
लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआइ) आयुक्त अभिषेक सिंह ने बताया कि विभाग इस संबंध में कानूनी पहलुओं का परीक्षण करा रहा है। यदि सर्वोच्च न्यायालय इस दलील को स्वीकार करता है, तो हजारों शिक्षकों को राहत मिल जाएगी।
सर्वोच्च न्यायालय के सितंबर 2025 के आदेश के बाद डीपीआइ ने वर्ष 1998 से 2009 के बीच नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी आयोजित कराने की प्रक्रिया शुरू की थी। इससे प्रदेश के करीब डेढ़ लाख शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं।
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न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि पांच वर्ष से कम सेवा वाले शिक्षकों को परीक्षा से छूट मिलेगी, जबकि पांच वर्ष से अधिक सेवा वाले शिक्षकों के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। परीक्षा पास नहीं करने पर शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जानी है। उन्हें 31 अगस्त 2028 तक यह परीक्षा पास करनी होगी।
अगस्त के अंतिम सप्ताह या सितंबर के पहले सप्ताह में पात्रता परीक्षा आयोजित किए जाने की संभावना है।- केके, द्विवेदी, संचालक, डीपीआइ।