भोपाल में 110 एंबुलेंसों के साथ सड़क पर उतरे निजी अस्पताल संचालक; आयुष्मान भुगतान संकट पर 1000 एंबुलेंस के साथ दिल्ली कूच का ऐलान
अस्पताल संचालक प्रदेश के अलग-अलग जिलों से करीब 1000 एंबुलेंस छोटे-छोटे जत्थों में दिल्ली भेजने की तैयारी कर रहे हैं। प्रदर्शन स्थल और समय पर संयुक्त क...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 07 Oct 2026 06:47:14 PM (IST)Updated Date: Wed, 07 Oct 2026 06:47:14 PM (IST)
भोपाल के एयरोसिटी क्षेत्र में 110 एंबुलेंस के काफिले के साथ अस्पताल संचालकों ने शक्ति प्रदर्शन कर सरकार को चेताया। सौ- आयोजक।HighLights
- भोपाल के एयरोसिटी में 110 एंबुलेंस के साथ प्रदर्शन किया
- आयुष्मान योजना के लंबित भुगतान और क्लेम रिजेक्शन का विरोध
- जिलों से करीब 1000 एंबुलेंस जत्थों में दिल्ली भेजने की तैयारी
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। आयुष्मान भारत योजना के भुगतान संकट को लेकर निजी अस्पताल संचालकों ने मोर्चा खोल दिया है। दिल्ली कूच से पहले मंगलवार को भोपाल के एयरोसिटी क्षेत्र में 110 एंबुलेंस के काफिले के साथ अस्पताल संचालकों ने शक्ति प्रदर्शन कर सरकार को चेताया।
दरअसल, आयुष्मान योजना के तहत महीनों से भुगतान लंबित है। क्लेम रिजेक्शन, भारी कटौतियों और एनएबीएच प्रमाणन को अनिवार्य किए जाने से छोटे और मध्यम अस्पतालों की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है। इसी को लेकर प्रदेशभर के अस्पताल संचालक लामबंद हुए हैं।
दिल्ली कूच की तैयारी
संगठनों ने दिल्ली में बड़े प्रदर्शन की रणनीति बनाई है। योजना के अनुसार करीब 1000 एंबुलेंस दिल्ली भेजी जाएंगी। ये सभी एक साथ नहीं, बल्कि इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, रीवा सहित अलग-अलग जिलों से छोटे-छोटे जत्थों में रवाना होंगी।
बन रही रणनीति
एंबुलेंसों के दिल्ली पहुंचने के बाद जंतर-मंतर या निर्धारित स्थल पर प्रदर्शन प्रस्तावित है। इस आंदोलन की आगे की रूपरेखा तय करने के लिए अस्पताल संगठनों की संयुक्त कोर कमेटी की अहम बैठक बुलाई गई है। बैठक में जत्थों के रवाना होने का शेड्यूल, दिल्ली में ठहराव और प्रदर्शन स्थल पर अंतिम मुहर लगेगी।
निजी अस्पताल गुणवत्ता से समझौता नहीं चाहते, लेकिन एनएबीएच जैसी महंगी और जटिल प्रक्रिया को जबरन थोपना गलत है। इससे छोटे अस्पताल योजना से बाहर हो जाएंगे। मानक व्यावहारिक और अस्पतालों की क्षमता के अनुसार होने चाहिए।- डॉ. धनंजय मिश्रा, उपाध्यक्ष, अस्पताल संचालक यूनियन
अस्पताल मरीजों का इलाज कर चुके हैं, लेकिन पोर्टल की तकनीकी खामियों, सीपीडी रिजेक्शन और ऑथेंटिकेशन के नाम पर भुगतान रोका जा रहा है। सरकार पुराने वैध क्लेम का तत्काल भुगतान करे और भविष्य के लिए भुगतान की निश्चित समय-सीमा तय करे।- डॉ. जीशान अहमद, एडवाइजरी चेयरमैन, यूनियन