प्यारे मियां को ताउम्र कैद: भोपाल में शराब पिलाकर बच्चियों से दरिंदगी, हिडन कैमरों से बनाता था वीडियो; साथी राबिया को 20 साल की सजा
अभियोजन के अनुसार, नौकरी दिलाने के बहाने बच्चियों को बुलाया जाता था और राबिया बी उन्हें प्यारे मियां के पास ले जाती थी। अदालत ने राबिया बी को 20 साल के कारावास की सजा सुनाई।
Publish Date: Wed, 28 Oct 2026 10:13:43 AM (IST)Updated Date: Wed, 28 Oct 2026 10:13:43 AM (IST)
दुष्कर्म के आरोपी प्यारे मियां को मृत्यु तक कारावास और दो धाराओं में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। फाइल फोटो।HighLights
- प्यारे मियां को मौत तक जेल की सजा
- सहयोगी राबिया बी को 20 साल की जेल
- फ्लैट से हिडन कैमरे और पिस्टल भी मिली
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मानव तस्करी मामले में भोपाल की एक अदालत ने कड़ा फैसला दिया है। 5 बच्चियों से दुष्कर्म मामले में पॉक्सो की विशेष अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुमुदिनी पटेल ने अब्दुल अय्यूब उर्फ प्यारे मियां (78) को अपराधों के लिए दोषी ठहराते हुए 8 धाराओं में मरने तक जेल में रखने का आदेश दिया है। वहीं दो धाराओं में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दुष्कर्मी पर 77 लाख 64 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। उसकी सहयोगी रही राबिया बी को 20 साल जेल की सजा सुनाई गई है।
काउंसलिंग में पीड़िताओं ने बताया कि प्यारे मियां ने पार्टी में शराब पिलाकर उनके साथ दुष्कर्म किया गया। इसके बाद भी अलग-अलग समय और स्थानों पर पीड़िताओं के साथ दुष्कर्म का शिकार बनाया गया।
यह अपराध बहुत ही क्रूर - कोर्ट
न्यायालय ने सजा सुनाते हुए कहा कि जिस उम्र में उस बुजुर्ग व्यक्ति को बच्ची की रक्षा और देखभाल करनी चाहिए थी, वह खुद उसके लिए डर और असुरक्षा की वजह बन गया। जिस उम्र में उस मासूम बच्ची को खुलकर जीने और आगे बढ़ने के अवसर मिलने चाहिए थे, उस उम्र में उसे ऐसे गहरे मानसिक सदमे, शारीरिक दर्द का सामना करना पड़ा।
ऐसे में आरोपी न केवल बच्ची का शरीर तोड़ता है, बल्कि उसका पूरा भविष्य और समाज का भरोसा भी नष्ट कर देता है। यह अपराध बहुत ही क्रूर और असहनीय है।
राबिया ने की मदद
लोक अभियोजक पीएन राजपूत ने बताया कि भोपाल निवासी प्यारे मियां साल 2014 से पीड़िताओं के साथ दुष्कर्म कर रहा था। 10 हजार रुपये महीने पर घर में नौकरी दिलाने के बहाने वह बच्चियों को बुलाता था और राबिया उन्हें उसके पास लेकर जाती थी।
शराब पिलाकर दरिंदगी
11 जुलाई 2020 की रात करीब 12:30 बजे पुलिस पेट्रोलिंग के दौरान पांचों पीड़िताएं स्कूटी पर संदिग्ध और नशे की हालत में मिली थीं। काउंसलिंग में उन्होंने बताया कि शाहपुरा के विष्णु हाइटेक सिटी स्थित फ्लैट में एक पीड़िता का जन्मदिन मनाने के बहाने प्यारे मियां ने उन्हें बुलाया था। पार्टी में शराब पिलाकर उनके साथ दुष्कर्म किया गया। इसके बाद भी अलग-अलग समय और स्थानों पर पीड़िताओं के साथ दुष्कर्म किया गया।
हिडन केमरों से बनाए वीडियो
जांच के दौरान पुलिस को आरोपित प्यारे मियां के फ्लैट से हिडन कैमरे मिले थे। इन्हीं कैमरों की मदद से प्यारे मियां बच्चियों का वीडियो बनाता था। इसके बाद उनको ब्लैकमेल करता था। जांच के दौरान ही आरोपित के फ्लैट से पुलिस को पिस्टल मिली थी, जिससे वह पीड़िताओं को डराता-धमकाता था।
एक पीड़िता ने जहर खाकर दी जान, स्वजन को दिलाया 10 लाख : इस मामले का खुलासा होने के बाद एक पीड़िता ने डर के कारण जहर खाकर अपनी जान दे दी थी। न्यायालय ने इस मामले में पीड़िता के माता-पिता को 10 लाख रुपये क्षतिपूर्ती दिलाई है। इसके अलावा तीन पीड़िताओं को भविष्य के लिए चार-चार लाख रुपये दिलाए हैं। एक पीड़िता आखिरी समय में बयान से पलट गई। ऐसे में उसको कोई सहायता नहीं मिली।
पहले भी दुष्कर्म मामले में हो चुकी है सजा
7 मार्च 2022 को प्यारे मियां को पाक्सो के एक अलग मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है। आरोपित ने इस मामले में अपनी सौतेली नवासी को नशीली चीज पिलाकर दुष्कर्म किया था। गर्भवती होने पर उसका गर्भपात भी कराया था। सजा के बाद इस मामले में हाईकोर्ट में अपील लगाई गई है, जो लंबित है।