
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश में रबी फसलों की बोवनी शुरू होने के साथ ही खाद की मांग बढ़ने लगी है। किसानों को जरूरत के अनुसार खाद उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने ई-विकास पोर्टल के माध्यम से टोकन की व्यवस्था की है। अब खाद लेने के लिए किसानों के पास फार्मर आईडी होना अनिवार्य है। इसके बिना टोकन जनरेट नहीं होगा।
प्रदेश में यूरिया, डीएपी और एनपीके सहित कुल 11.50 लाख टन खाद का भंडार है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को कलेक्टरों-कमिश्नरों के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंस में निर्देश दिए हैं कि स्थानीय स्तर पर वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
कमजोर मानसून के कारण मालवांचल सहित अन्य क्षेत्रों में सितंबर के अंतिम सप्ताह से बोवनी प्रारंभ हो गई। अब इसमें गति आई है। इसके कारण खाद की मांग भी बढ़ी है। सरकार ने रबी फसलों के लिए खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए खरीफ सीजन से ही व्यवस्था बनानी शुरू कर दी थी। इसका लाभ यह हुआ कि अब तक किसानों को आठ लाख टन खाद का अग्रिम भंडारण करा दिया गया। अक्टूबर में ही 2.90 लाख टन खाद का वितरण किया जा चुका है।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि वास्तविक किसान को ही खाद मिले, इसके लिए ई-विकास पोर्टल के माध्यम से टोकन जनरेट करवाने की व्यवस्था बनाई गई है। इसके लिए फार्मर आईडी होना अनिवार्य है। इसमें भूमि से संबंधित पूरा रिकार्ड दर्ज रहता है। इसके आधार पर किसानों की पहचान भी सुनिश्चित होगी। प्रदेश में एक करोड़ से अधिक किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी है। जिनकी आईडी नहीं बनी है, वे आवेदन करेंगे। एसडीएम सत्यापन के बाद टोकन जनरेट करवाएंगे।
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