
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश में कांग्रेस आदिवासियों के मुद्दों को लगातार उठा रही है। केन-बेतवा परियोजना के प्रभावितों की बात हो, सिंगरौली सहित अन्य जिलों में आदिवासियों को भूमि से बेदखल करने या फिर बालाघाट जिले के बिरसा और बैहर क्षेत्र में पिछले कुछ माह में मलेरिया, खसरा और कुपोषण के कारण 28 बैगा आदिवासी बच्चों की मौत का मामला हो, प्रदेश कांग्रेस लगातार सरकार को घेर रही है।
आदिवासियों से जुड़े मुद्दों को हवा देने के लिए अब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बालाघाट आकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर सकते हैं। प्रदेश कांग्रेस ने राहुल गांधी के कार्यालय को केवल बालाघाट ही नहीं, बल्कि प्रदेश के अन्य हिस्सों में चल रहे आंदोलनों और स्थानीय मुद्दों की रिपोर्ट भेजी है। वहीं, 19 सितंबर को 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के समय भी उन्हें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राजनीतिक स्थिति के साथ बड़े मुद्दों की जानकारी दी।
आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया ने केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना से प्रभावितों के आंदोलन, बालाघाट में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी से बैगा आदिवासी बच्चों की मौत, देवास सहित अन्य जिलों में आदिवासियों को भूमि से बेदखल करने, वनाधिकार पत्र अब तक प्राप्त न होने सहित अन्य मामलों के बारे में बताया।
सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी ने पार्टी पदाधिकारियों से कहा है कि वे जल्द ही बालाघाट आएंगे और प्रभावितों से मिलेंगे। इसके बहाने वे आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य, कुपोषण और सरकारी सेवाओं की स्थिति पर सरकार को घेरने के साथ यह संदेश देने का प्रयास करेंगे कि भाजपा केवल आदिवासी हितैषी होने की बात करती है मगर वास्तविकता तो बालाघाट, पन्ना, छतरपुर, सिंगरौली और देवास में दिखाई देती है।
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केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित छतरपुर और पन्ना जिलों के किसान और आदिवासियों का प्रतिनिधिमंडल और सिंगरौली में कोल परियोजना से प्रभावित राहुल गांधी से मिल चुके हैं। आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया का कहना है कि प्रभावितों ने उन्हें बताया है कि केन-बेतवा परियोजना के साथ पन्ना के मझगवां बांध और रुंझ परियोजना में विस्थापन और भ्रष्टाचार हो रहा है। वहीं, सिंगरौली में कोल परियोजना के लिए अंधाधुंध पेड़ काटे जा रहे हैं।