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32 बैगा बच्चों की मौत के 107 दिन बाद बालाघाट पहुंचे राहुल गांधी; 33 मिनट रुके, कहा- लोकसभा में उठाऊंगा मुद्दा

राहुल गांधी ने बच्चों की मौत के मामले को गंभीर बताते हुए इसे सरकार की विफलता बताया और लोकसभा में उठाने की बात कही।

By vaibhav shridharEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Thu, 01 Oct 2026 09:15:02 PM (IST)Updated Date: Thu, 01 Oct 2026 09:15:02 PM (IST)
32 बैगा बच्चों की मौत के 107 दिन बाद बालाघाट पहुंचे राहुल गांधी; 33 मिनट रुके, कहा- लोकसभा में उठाऊंगा मुद्दा
राहुल गांधी ने बैगा आदिवासियों से मुलाकात कर स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, कुपोषण और सरकारी योजनाओं के लाभ की जानकारी ली। नईदुनिया।

HighLights

  1. बैगा आदिवासियों से मिलने जगला पहुंचे राहुल गांधी
  2. जनसंवाद किया और बोले- लोकसभा में रखूंगा आपकी बात
  3. विधायक संजय उइके ने 43 बैगा बच्चों की मृत्यु का दावा किया

वैभव श्रीधर, नईदुनिया, जगला गांव (बालाघाट)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी गुरुवार को मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के जगला गांव पहुंचे। यहां उन्होंने कुपोषण और बीमारियों के कारण अपने बच्चों को खोने वाले बैगा जनजाति के लोगों से मुलाकात की।

32 बच्चों की मौत के 107 दिन बाद यहां पहुंचे राहुल गांधी ने केवल 33 मिनट आदिवासियों से बातचीत की। उनसे स्वास्थ्य सुविधा, शिक्षा, रोजगार, कुपोषण और सरकारी योजनाओं के बारे में जाना।

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लोकसभा में उठेगा बच्चों की मौत का मुद्दा

बता दें, 16 जून को प्रशासन ने जिले में खसरा, मलेरिया और कुपोषण से 32 बच्चों की मौत की पुष्टि की थी। मीडिया से चर्चा में राहुल गांधी ने कहा -

सरकार ने यहां अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई। ऐसा लगा कि हिंदुस्तान के बीच में ही भारत और राज्य की सरकार नहीं है।

इस घटना को सरकारी विफलता करार देते हुए कहा कि वह इस गंभीर मामले और आदिवासियों की दुर्दशा को लोकसभा में प्रमुखता से उठाएंगे।

राहुल ने किया जनसंवाद

इस दौरान 70-80 घरों के गांव जगला में आसपास के गांवों से राहुल गांधी से मिलने आदिवासी महिलाएं भी पहुंची थीं। दोपहर 2.51 बजे राहुल गांधी सीधे प्रभावित बैगा आदिवासियों के बीच पहुंचे। उन्होंने वन अधिकार के तहत दिए जाने वाले जमीन के पट्टे, शिक्षा, रोजगार और कुपोषण सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने के बारे में भी पूछा।


सरकार बनने पर मदद करेंगे

राहुल गांधी ने कहा -

बहुत सारे बच्चों की मृत्यु कुपोषण और अन्य बीमारियों के कारण हुई है, लेकिन अभी तक आधे लोगों को मुआवजा नहीं दिया गया। आदिवासियों की जमीन, वन अधिकार, मनरेगा, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार का मुद्दा है। कांग्रेस की सरकार बनते ही मदद करेंगे।

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विधायक का दावा 43 मौतें हुईं

बालाघाट में 16 जून को प्रशासन ने जिले में खसरा, मलेरिया और कुपोषण से 32 बच्चों की मौत की पुष्टि की थी। जबकि विधायक संजय उइके का दावा है कि 43 बैगा आदिवासी बच्चों की मृत्यु हुई है।

संवाद के दौरान राहुल गांधी के साथ स्थानीय बैहर विधायक संजय उइके, परसवाड़ा विधायक मधु भगत, पूर्व विधायक हिना कांवरे, डिंडौरी से विधायक ओमकार सिंह मरकाम और आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया रहे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी दूर खड़े रहे।