Railway News: पूर्व तट रेलवे के महाप्रबंधक बने रूप नारायण सुनकर, भोपाल से की है इंजीनियरिंग की पढ़ाई
985 बैच के भारतीय रेल इंजीनियरिंग सेवा (आइआरएसई) के अधिकारी हैं सुनकर। नई पदस्थापना से पूर्व वह बिलासपुर में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (एसईसीआर) के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) के पद पर कार्यरत थे। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय से की है इंजीनियरिंग स्नातक की पढ़ाई।
By Ravindra Soni
Edited By: Ravindra Soni
Publish Date: Tue, 08 Nov 2022 02:25:27 PM (IST)
Updated Date: Tue, 08 Nov 2022 02:25:27 PM (IST)

भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। भोपाल के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग स्नातक की पढ़ाई पूरी करने वाले रूप नारायण सुनकर पूर्व तट रेलवे भुवनेश्वर के महाप्रबंधक बनाए गए हैं। वह 1985 बैच के भारतीय रेल इंजीनियरिंग सेवा (आइआरएसई) के अधिकारी है। उन्होंने मंगलवार पूर्व तट रेलवे के भुवनेश्वर मुख्यालय में महाप्रबंधक का कार्यभार ग्रहण कर लिया है। नई पदस्थापना से पूर्व वह बिलासपुर में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (एसईसीआर) के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने पश्चिम मध्य रेलवे में मुख्य परियोजना निदेशक (सीपीडी) पुल कार्य, मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) रतलाम, उत्तर मध्य रेलवे और पश्चिम मध्य रेलवे में मुख्य पुल अभियंता, बिलासपुर में मुख्य अभियंता (निर्माण) के रूप में भी काम किया।
वह बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल से इंजीनियरिंग स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद 1985 में भारतीय रेलवे में शामिल हुए। उन्हें परियोजनाओं के निर्माण और उसकी शुरुआत का व्यापक अनुभव है। उनके नेतृत्व में 2020-21 के दौरान, 228 किलोमीटर की रेलवे परियोजनाओं को चालू किया गया जिसमें नई लाइन और दोहरीकरण और तीसरी लाइन शामिल है जो भारतीय रेलवे के सभी जोनल रेलवे में सबसे अधिक प्रगति है। इसके अलावा एसेट कंस्ट्रक्शन और मेंटेनेंस जैसे ब्रिज वर्क आदि में इन्होंने प्रोएक्टिव एप्रोच अपनाकर प्रोजेक्ट्स का क्रियान्वयन किया, जिसकी चहुंओर सराहना की गई। उनके पास ब्रिज वर्क्स का अनुभव है, जो हमेशा अतिरिक्त जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार रहते हैं। उनके पास बीटेक में अपनी डिग्री के अलावा बुनियादी ढांचे, संपत्ति के निर्माण और रखरखाव का अनुभव है। उन्होंने 2005 में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर से एलएलबी, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, दिल्ली से पर्यावरण और सतत विकास में स्नातकोत्तर डिप्लोमा और आपदा प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा भी पूरा किया है।