
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। यात्रियों की सुविधा और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने एक बड़ी पहल की है। अब फर्स्ट एसी में यात्रियों को कवर लगे हुए कंबल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ये कंबल पुराने कंबलों की तुलना में हल्के, साफ-सुथरे और अधिक हाइजेनिक हैं। पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद यह सुविधा अब भोपाल से चलने वाली अन्य ट्रेनों में भी शुरू की जाएगी।
फिलहाल भोपाल स्टेशन से चलने वाली भोपाल एक्सप्रेस और रेवांचल एक्सप्रेस में यात्रियों को कवर लगे कंबल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस नई व्यवस्था से यात्रियों का अनुभव काफी बेहतर हुआ है। यात्री इन कंबलों को पहले की तुलना में ज्यादा सुरक्षित और स्वच्छ मान रहे हैं। पहले क्या समस्या थी? पुराने कंबल भारी होते थे और जल्दी गंदे हो जाते थे। इन्हें महीने में सिर्फ एक बार धोया जाता था, जबकि चादर, तकिया कवर और तौलिया हर यात्रा के बाद धोये जाते थे।
इसी वजह से ज्यादातर यात्री कंबलों के उपयोग से बचते थे। लेकिन नई सुविधा के तहत कंबलों पर लगे कवर हर यात्रा के बाद धोए जा सकते हैं, जिससे स्वच्छता का स्तर बढ़ गया है। अभी ये सुविधा सिर्फ दो ट्रेन भोपाल एक्सप्रेस और रेवांचल एक्सप्रेस की फर्स्ट एसी के कोच में दी जी रही है। आगे सेकेंड और थर्ड एसी में कवर लगे कंबल देने की योजना चल रही है। जल्द ही इसे लागू किया जा सकते है। नवल अग्रवाल, पीआरओ, भोपाल मंडल।