
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। चक्रवाती तूफान अर्णब के प्रभाव के चलते शुक्रवार को समूचे प्रदेश में बादलों का डेरा रहा, जिससे मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। प्रदेश के पूर्वी अंचलों में वर्षा दर्ज की गई। दिनभर बादलों की मौजूदगी से अधिकतम तापमान में औसतन पांच से छह डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई, जबकि रात का पारा सामान्य से दो से तीन डिग्री अधिक रहा।
वर्षा के आंकड़ों के अनुसार छतरपुर के खजुराहो, राजगढ़ और सीधी में सर्वाधिक तीन-तीन मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड की गई। इसके अलावा नौगांव में 2.0 मिलीमीटर, सतना, शिवपुरी, टीकमगढ़ व उमरिया में 1.0 मिलीमीटर, दतिया में 0.8 मिलीमीटर, सागर में 0.7 मिलीमीटर और जबलपुर, मलाजखंड और रीवा में 0.4 मिलीमीटर पानी गिरा।
मौसम विज्ञानी वहीद खान ने बताया कि तूफान अर्णब कमजोर होकर लो प्रेशर में बदल चुका है, जो वर्तमान में उत्तरी छत्तीसगढ़ पर स्थिर है। इसके साथ ही दो ट्रफ लाइनें गुजर रही हैं एक उत्तर-पश्चिम यूपी की ओर और दूसरी पूर्वी अरब सागर से महाराष्ट्र तक। इन तीन प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से शनिवार को उत्तर व पूर्वी मध्य प्रदेश में हल्की वर्षा होने की संभावना जताई गई है। रविवार से मौसम साफ होने लगेगा।
इधर, क्लाइमेटोलाजी के अनुसार राजधानी भोपाल में नवंबर माह शांत और सुहावना रहेगा। अक्टूबर वाली उमस पूरी तरह खत्म होगी और मानसून की नम हवाओं का स्थान उत्तरी ठंडी हवाएं ले लेंगी। इससे रात के तापमान में गिरावट आएगी और सुबह खुशनुमा ठंडक महसूस होगी। आंकड़ों के मुताबिक नवंबर में शहर का औसत अधिकतम तापमान 29.9 डिग्री और न्यूनतम 15 डिग्री सेल्सियस रहता है।
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ऐतिहासिक रिकार्ड्स देखें तो 4 नवंबर 1977 को अधिकतम तापमान 35.3 डिग्री और 30 नवंबर 1941 को न्यूनतम पारा 6.1 डिग्री रहा था। वहीं पिछले 10 वर्षों (2016-2025) में 17 नवंबर 2025 को रात का पारा गिरकर 5.2 डिग्री तक पहुंच गया था। पश्चिमी विक्षोभ के चलते इस महीने कभी-कभार बौछारें और सुबह हल्का कोहरा देखने को मिल सकता है।
| शहर | अधिकतम तापमान (°C) | न्यूनतम तापमान (°C) |
| भोपाल | 24.8 | 20.0 |
| इंदौर | 26.6 | 19.8 |
| ग्वालियर | 22.6 | 20.5 |
| जबलपुर | 23.9 | 19.4 |
नोट -- तापमान डिग्री सेल्सियस में