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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Rain In MP: मध्य प्रदेश में बिगड़ा मौसम, विदिशा, रायसेन और राजगढ़ में तेज बारिश, ओलावृष्टि

जिले की कई जगह चने और बेर के आकार के ओले गिरे हैं, लेकिन अभी तक कोई बड़े नुकसान की जानकारी नहीं है। हालांकि फसलों में हुए नुकसान का आंकलन सर्वे के बाद...और पढ़ें

By Paras PandeyEdited By: Paras Pandey
Publish Date: Tue, 27 Feb 2024 05:45:42 PM (IST)Updated Date: Tue, 27 Feb 2024 07:13:18 PM (IST)
Rain In MP: मध्य प्रदेश में बिगड़ा मौसम, विदिशा, रायसेन और राजगढ़ में तेज बारिश, ओलावृष्टि
आधे घंटे की बारिश ने करीब 15 दिन में होने वाली सिंचाई का कोटा पूरा कर दिया है।

भोपाल, नईदुनिया प्रतिनिधि। मंगलवार की दोपहर जिले के अधिकांश क्षेत्रों में आंधी के साथ बारिश हुई है। रायसेन शहरी क्षेत्र के अलावा कहीं, कहीं चने के आकार के ओले भी गिरे है। बारिश का दौर लगभग पूरे जिले में आधे से पौन घंटे चला, लेकिन इतनी ही देर में जोरदार बारिश के कारण, नालियों और सड़कों पर पानी बह निकला। फिलहाल बारिश से बहुत अधिक नुकसान की संभावना नहीं है।

आड़ी होने से बची फसल तो बारिश से फायदा

जिले की कई जगह चने और बेर के आकार के ओले गिरे हैं, लेकिन अभी तक कोई बड़े नुकसान की जानकारी नहीं है। हालांकि फसलों में हुए नुकसान का आंकलन सर्वे के बाद ही हो पाएगा। यदि आंधी में फसल आड़ी नहीं हुई तो ये बारिश फसलों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है।


ग्राम मुरेल के किसान नरेश शर्मा की माने तो आंधी के कारण देरी से हुई बोवनी वाली फसल को कम नुकसान है, गेहूं में जहां अभी बालियां नहीं आईं हैं, वह फसल आड़ी होने के बाद भी खड़ी हो जाएगी, लेकिन जिसमे बाल आ चुकी है, वह अंधी में गिरने के बाद दोबारा नहीं उठ पाती। वैसे यदि फसलें ज्यादा आड़ी नहीं हुई है तो बारिश किसानों के लिए फायदेमंद ही है।

इस आधे घंटे की बारिश ने करीब 15 दिन में होने वाली सिंचाई का कोटा पूरा कर दिया है। गिरते जलस्तर के करना ट्यूबवेल से सिंचाई मुश्किल हो रही थी। बारिश से किसानों की मेहनत के साथ बड़े पैमाने पर बिजली की भी बचत हुई है।

विदिशा में दोपहर के समय से वर्षा का दौर जारी है। करीब घंटे भर हल्की वर्षा हुई, इसके बाद बादलों की गड़गड़ाहट के साथ तेज वर्षा हो रही है। ग्यारसपुर और अहमदपुर क्षेत्र में ओलावृष्टि हुई है। इस वर्षा के कारण चना और मसूर की कटाई कर रहे किसानों के सामने फसल बचाने का संकट खड़ा हो गया है। इधर, खेतों में पकने को तैयार गेहूं की फसल में भी दाना बारीक पड़ने की आशंका है।

राजगढ़ जिले के कुछ गाँवो में पानी के साथ ओले गिरे, कुरावर में फसलें आड़ी हो गईं। नर्मदापुर के डोलरिया और सिवनीमालवा क्षेत्र में ओलावृष्टि हुई है। सीहोर में भी ओलावृष्टि और बारिश हुई है।