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MP में जनगणना में लगे 55 हजार शिक्षकों को मिल सकती है तबादला आवेदन की सुविधा

स्कूल शिक्षा विभाग ने निर्देश दिए हैं कि इन शिक्षकों का तबादला जनगणना का काम पूरा होने तक नहीं होगा। तबादले के लिए ऑनलाइन आवेदन के पोर्टल पर इनके आवेदन भी स्वीकार नहीं हो रहे हैं।

By Digital DeskEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Wed, 24 Jun 2026 10:12:34 PM (IST)Updated Date: Thu, 25 Jun 2026 07:22:18 AM (IST)
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MP में जनगणना में लगे 55 हजार शिक्षकों को मिल सकती है तबादला आवेदन की सुविधा
शिक्षकों के तबादले पर शिक्षा विभाग की पाबंदी (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. जनगणना में लगे 55 हजार शिक्षकों को मिल सकती है तबादला आवेदन की सुविधा
  2. पोर्टल पर जनगणना में लगे शिक्षकों के आवेदन ही नहीं हो रहे स्वीकार
  3. मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव ने अधिकारियों को रास्ता निकालने के दिए हैं निर्देश

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश में जनगणना के पहले चरण का काम चल रहा है, जो सितंबर तक चलेगा। फरवरी 2027 से दूसरा चरण प्रारंभ होगा। इस काम के लिए 55 हजार शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। स्कूल शिक्षा विभाग ने निर्देश दिए हैं कि इन शिक्षकों का तबादला जनगणना का काम पूरा होने तक नहीं होगा। तबादले के लिए ऑनलाइन आवेदन के पोर्टल पर इनके आवेदन भी स्वीकार नहीं हो रहे हैं। आवेदन करते ही संदेश आ जाता है कि आपकी ड्यूटी जनगणना में लगी है, इसलिए आवेदन मान्य नहीं है।

शिक्षकों में इस बात को लेकर नाराजगी भी है क्योंकि कई कारणों से शिक्षक तबादला चाहते हैं। जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों ने यह बात मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव तक पहुंचाई तो उन्होंने अधिकारियों को रास्ता निकालने के निर्देश दिए हैं। सूत्रों का कहना है कि तबादला सीजन प्रारंभ होने से पहले ही लोक शिक्षण संचालनालय ने ऐसे शिक्षकों की पोर्टल पर अलग से सूची बनवाकर दर्ज कराई है, जिनकी ड्यूटी जनगणना में लगी है।


प्रशासनिक आधार पर तबादले के बाद जब स्वैच्छिक आधार पर तबादले के लिए आवेदन की बारी आई तो पोर्टल ने जनगणना में लगे शिक्षकों के आवेदन स्वीकार ही नहीं हुए। जबकि, शिक्षकों से जुड़े संगठनों ने तबादले की प्रक्रिया प्रारंभ होने से पहले ही यह मांग की थी कि जनगणना के काम में शिक्षकों की ड्यूटी सरकार ने लगाई है। कई शिक्षक लंबे समय से पारिवारिक, स्वास्थ्य और प्रशासनिक कारणों से तबादले की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ऐसे शिक्षकों के आवेदन स्वीकार किए जाने चाहिए।

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शिक्षकों के असंतोष को देखते हुए जनप्रतिनिधियों ने यह बात अलग-अलग माध्यम से मुख्यमंत्री तक पहुंचाई। मंत्रियों ने भी इस विषय को उठाया और कहा कि इसमें शिक्षक की तो कोई गलती नहीं है। उसे आवेदन का अधिकार मिलना चाहिए और यदि कारण वाजिब है तो तबादले पर विचार भी होना चाहिए। मुख्यमंत्री भी इससे सहमत नजर आए और उन्होंने अधिकारियों को रास्ता निकालने के निर्देश भी दिए।

साथ ही यह भी कहा कि जनगणना का काम प्रभावित नहीं होना चाहिए। सूत्रों का कहना है कि विभाग इस बात पर विचार कर रहा है कि क्या विकल्प हो सकता है क्योंकि जनगणना निदेशालय के स्पष्ट निर्देश हैं कि जनगणना के काम से सीधे तौर पर जुड़े अधिकारी-कर्मचारी को स्थानांतरित ना किए जाए।

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