
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत करने के लिए तैनात किए गए बॉन्ड डॉक्टरों को नौकरी में बनाए रखना सरकार के लिए चुनौती बना हुआ है। 50 प्रतिशत डॉक्टर भी पदस्थापना स्थल पर ज्वाइन नहीं करते थे। ज्वाइन करने वालों में से भी कई सेवाएं छोड़ देते हैं। इस स्थिति को देखते हुए सरकार उनकी समस्याएं जानने और उन्हें प्रोत्साहित करने पर जोर दे रही है।
इसी पहल के तहत गुरुवार को उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने पहली बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कटनी, मैहर और सतना में नवपदस्थ बॉन्ड डॉक्टरों से संवाद किया। सरकार चाहती है कि डॉक्टर ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं जारी रखें और स्थानीय मरीजों को उपचार मिले।
उप मुख्यमंत्री ने सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों से भी बॉन्ड डॉक्टरों की समस्याएं जानने और समय रहते उनका समाधान करने को कहा, ताकि वे नौकरी न छोड़ें।
उप मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों से प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ दायित्व निभाने को कहा। विभागीय अधिकारियों को उन्होंने नवपदस्थ डॉक्टरों को स्वास्थ्य सेवाओं, विभागीय कार्यक्रमों और जिम्मेदारियों का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। साथ ही शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, जांच सेवाओं, एंबुलेंस, रेफरल व्यवस्था और जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
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