नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। रातीबड़ थानाक्षेत्र के सूरजनगर में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल (72) की उनके ही घर में गला रेतकर हत्या कर दी गई। आरोप उनके केयरटेकर वरुण कुमार (28) पर है, जिसे 26 सितंबर को ही काम पर रखा गया था।
पुलिस का कहना है कि आरोपित ने सोते समय बुजुर्ग अधिकारी का गला रेत दिया। उसके बाद आलमारी से कीमती सामान निकालकर भाग गया। जाने से पहले उसने किचन में रखे एलपीजी सिलेंडर का पाइप निकालकर रेग्युलेटर खोल दिया था, ताकि घर में आग लग जाए।
5 हजार वर्गफीट का है मकान
1982 बैच के आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल 2016 में नरोन्हा प्रशासनिक अकादमी के महानिदेशक पद से सेवानिवृत्त हुए थे। तब से से सूरजनगर में करीब 5 हजार वर्गफीट में बने मकान में पत्नी सिद्धशिला उर्फ निशी अग्रवाल के साथ रहते थे।
उनका इकलौता बेटा सिद्धांत अमेरिका में पत्नी और बेटे के साथ रहता है। घर में घरेलू सहायक के तौर पर उत्तराखंड की नीतू सिंह पालीवाल उसके पति अमरसिंह पालीवाल को रखा गया था।
लंबे समय से थे बीमार
राकेश अग्रवाल पिछले कुछ महीनों से हड्डियों की समस्या से जूझ रहे थे। उनकी देखभाल के लिए 10 सितंबर को बागसेवनिया स्थित वर्मा होम हेल्थ केयर एजेंसी से संपर्क किया गया था। पहले भेजे गए दो केयरटेकर 15 दिन के भीतर काम छोड़कर चले गए।
इसके बाद 26 सितंबर को एजेंसी ने पंजाब के पटियाला जिले के नाभा निवासी वरुण कुमार को भेजा था। वह राकेश को फ्रेश कराने, भोजन और दवाएं देने का काम करता था।
दूसरे नौकर अमर सिंह पालीवाल ने पुलिस को बताया कि वह केरवा रिसोर्ट में कुक भी है। 29-30 सितंबर की रात करीब एक बजे घर लौटा तो वरुण लान में टहल रहा था। वह घबराया हुआ लग रहा था। पूछने पर उसने बताया कि राकेश को फ्रेश करवाने के बाद दरवाजे पर कौन आया, यह देखने बाहर निकला था। इसके बाद दोनों अपने-अपने कमरों में चले गए।
सुबह पत्नी ने खोला हत्या का राज
पुलिस की जांच में सामने आया है कि पति-पत्नी अलग-अलग कमरों में सोए थे। सुबह करीब 4:50 बजे निशी अग्रवाल जागीं तो उनके कमरे की कुंडी बाहर से बंद थी। उन्होंने सर्वेंट क्वार्टर में रहने वाले अमर को फोन कर बुलाया। राकेश के कमरे में पहुंचने पर उनका शव बिस्तर पर सफेद चादर से ढका मिला। चादर हटाकर निशी ने जैसे ही चेहरे पर हाथ लगाया तो गर्दन पर घाव और खून देखकर बेसुध हो गईं।
अमर ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस आयुक्त संजय कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। घरेलू सहायक अमर की शिकायत पर आरोपित वरूण कुमार के खिलाफ हत्या, लूट के लिए हमला और बंधक बनाने समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया।
बिना जांच पड़ताल के रखा था केयरटेकर
जांच में सामने आया कि वरुण का भोपाल में पुलिस वैरीफिकेशन नहीं हुआ था। वह इंटरनेट के जरिए एजेंसी के संपर्क में आया था और एजेंसी संचालक अखिलेश वर्मा को आधार कार्ड सहित दस्तावेज भेजे थे।
उसने मई 2025 में पटियाला में हुए वैरीफिकेशन की प्रति भी दी थी, जिसकी वैधता छह महीने में समाप्त हो गई थी। इसके बावजूद एजेंसी ने उसे नौकरी पर रखने से पहले नया वैरीफिकेशन नहीं कराया।
रिटायर्ड आईएएस अधिकारी की धारदार हथियार से हत्या कर आरोपित केयरटेकर फरार हो गया है। पुलिस की टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं। - संजय कुमार, पुलिस कमिश्नर, भोपाल
वारदात के बाद छूटे सवाल
- 10 सालों से सेवानिवृत्त जीवन जी रहे आइएएस दंपती के ऐसा क्या था जिसे लूटने के लिए केयर टेकर ने हत्या की?
- पति-पत्नी का अलग अलग कमरे में रहना और गला रेतने के दौरान विरोध का कोई चिन्ह तक नहीं दिखना भी असामान्य है?
- वरिष्ठ प्रशासनिक पदों में रहे राकेश अग्रवाल ने घर में रह रहे पटियाला निवासी व्यक्ति की पुलिस जांच कराना तक जरूरी नहीं समझा?
- अगर आरोपित का उद्देश्य केवल लूट था तो उसने गैस लीक से घर में आग लगाने की कोशिश क्यों की?