नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। नर्सिंग काउंसिल भोपाल के बाहर एनएसओ छात्र संगठन का धरना सोमवार को 17वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान छात्रों ने रजिस्ट्रार का घेराव कर मांग की कि पुराने सत्रों के छात्रों की परीक्षा, रिजल्ट और स्काॅलरशिप की समस्या सुलझाने और फैकल्टी मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने के बाद ही नए सत्र 2026-27 को मान्यता दी जाए।
रिजल्ट घोषित करने की मांग
संगठन ने चेतावनी दी कि मांग नहीं मानी तो अब काउंसिल के भीतर बैठकर प्रदर्शन करेंगे। संगठन के संस्थापक गोपाल पाराशर ने कहा कि 2020, 2021 और 2022 सत्र के हजारों छात्रों का भविष्य अधर में है।
छह-सात साल बाद भी फाइनल ईयर की परीक्षा नहीं हुई, रिजल्ट अटके हैं और एससी-एसटी, ओबीसी छात्रों को पिछले छह साल से स्कॉलरशिप नहीं मिली है। इसके बावजूद 2026-27 सत्र की मान्यता दी जा रही है।
मान्यता रद करने पर अड़े
संगठन का आरोप है कि नए सत्र की मान्यता के लिए भरे गए ऑनलाइन फार्म में करीब छह दर्जन से ज्यादा ऐसे नर्सिंग स्टॉफ के दस्तावेज कॉलेजों में लगे मिले हैं, जो पहले से सरकारी नौकरी में हैं।
इसके बावजूद कॉलेजों की मान्यता रद नहीं की गई। संगठन ने मांग की कि ऐसे स्टॉफ का रजिस्ट्रेशन रद्द कर कालेजों पर एफआईआर की जाए।
क्या है मांग
मुख्य मांग है कि देश के अन्य राज्यों की तरह मध्यप्रदेश में भी फैकल्टी मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जाए ताकि फर्जी और डुप्लीकेट फैकल्टी पर रोक लगे।
साथ ही सूटेबल, अनसूटेबल, डेफिसिट और 56 कॉलेजों सहित सभी मान्यता प्राप्त कालेजों के छात्रों के रिजल्ट घोषित कर परीक्षा कराई जाए और स्कॉलरशिप दी जाए।
संगठन ने नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेजों को क्षेत्रीय यूनिवर्सिटी से हटाकर फिर से मेडिकल यूनिवर्सिटी जबलपुर से जोड़ने और ईडब्ल्यूएस छात्रों को भी स्कालरशिप देने की मांग की।
प्रदेश अध्यक्ष सुभाष कुशवाहा और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीपक कुशवाहा ने कहा कि जब तक छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं होता, धरना जारी रहेगा। इस दौरान आनंद पटेल, पप्पू कुमार, आदित्य, देवेंद्र, राकेश समेत कई छात्र मौजूद रहे।