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भोपाल (राज्य ब्यूरो)। विधानसभा में बुधवार को जबलपुर पूर्व से कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने नर्मदा को भाजपा की मानस पुत्री कह दिया तो इस पर हंगामा हो गया। सत्ता पक्ष के सदस्यों ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि मां नर्मदा हम सबकी आस्था का केंद्र हैं और इस तरह की अमर्यादित टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सदस्य सदन में माफी मांगें पर लखन ने माफी नहीं मांगी। भारी शोरगुल के बीच सत्तापक्ष और प्रतिपक्ष के सदस्य एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे।
कांग्रेस विधायक घनघोरिया ने जबलपुर में नर्मदा नदी में मिल रहे गंदे नालों के पानी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार 20 वर्ष से एक ही तरह का जवाब दे रही है। धरातल पर कुछ नहीं हो रहा है। सीवेज ट्रीटमेंट एंड रिसाइकिलिंग प्लांट का काम नहीं कर रहे हैं। नया प्लांट स्थापति नहीं किया गया है। एक ट्रीटमेंट प्लांट की गति बेहद धीमी है। गंदा पानी मिलने से धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं।
इस पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने महापौर चुनाव के समय कांग्रेस के घोषणा पत्र में सौ दिन में गंदे नालों का पानी नर्मदा नदी में मिलने से रोकने का मुद्दा उठाया तो घनघोरिया ने नर्मदा जी को लेकर एक आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। हालांकि इसे बाद में कार्यवाही से हटा दिया गया लेकिन इस पर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने आपत्ति जताते हुए कहा कि आप कहेंगे कि मां नर्मदा भारतीय जनता पार्टी की पुत्री हैं, क्या यह मर्यादाहीन टिप्पणी नहीं है? इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।
कुछ सदस्यों ने घनघोरिया की टिप्पणी को विलोपित करने की बात उठाई पर राकेश सिंह, कैलाश विजयवर्गीय, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि बात विलोपित कराने की नहीं बल्कि हम सबकी आस्थाओं का केंद्र मां नर्मदा के प्रति अमर्यादित टिप्पणी की है। इसके लिए सदस्य को सदन में माफी मांगें। काफी देर दोनों पक्षों के बीच बहस होती रही पर घनघोरिया ने माफी नहीं मांगी। उन्होंने सदन के बाहर मीडिया से चर्चा में कहा कि भाजपा मुद्दे को भटकाना चाहती है। मैं प्रमाण सहित कह रहा हूं कि गंदे नालों का पानी नर्मदा में मिल रहा है।
सदन में नर्मदा जी को लेकर घनघोरिया की बात कहा उत्तर देते हुए नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सिलसिलेवार तरीके से नर्मदा नदी में गंदे नाले का पानी न मिले, इसके लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी, साथ ही बताया कि मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने निर्देश दिए हैं कि नर्मदा नदी में गंदे नाले न मिलें, इसकी पुख्ता व्यवस्था की जाए। आगामी दो वर्ष में नर्मदा नदी से लगे नगरीय निकायों में किसी प्रकार की गंदगी न मिले, इसकी कार्य योजना बनाकर काम किया जाएगा। मैं स्वयं जबलपुर जाकर व्यवस्था देखूंगा। इसके लिए लखन घनघोरिया ने धन्यवाद भी दिया