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भोपाल के हलालपुर में दीवाली से पहले बड़ा खतरा: पटाखा बाजार के आसपास 2 लाख की आबादी; पर नहीं हैं आग बुझाने के इंतजाम

भोपाल-इंदौर मार्ग पर स्थित बाजार में अलग पार्किंग नहीं होने से जाम लगता है। आग लगने की स्थिति में दमकल को मौके तक पहुंचने में परेशानी हो सकती है। एसडी...और पढ़ें

By Madanmohan malviyaEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Mon, 19 Oct 2026 02:08:03 PM (IST)Updated Date: Mon, 19 Oct 2026 02:08:03 PM (IST)
भोपाल के हलालपुर में दीवाली से पहले बड़ा खतरा: पटाखा बाजार के आसपास 2 लाख की आबादी; पर नहीं हैं आग बुझाने के इंतजाम
लालघाटी के हलालपुर पटाखा बाजार में आग लगने से बचाव के इंतजाम नाकाफी हैं। नईदुनिया।

HighLights

  1. 15 दुकानों और पांच गोदामों की एनओसी निरस्त
  2. आग से बचाव के इंतजामों में मिलीं खामियां
  3. पार्किंग के अभाव में दमकल की राह मुश्किल

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। शहर के लालघाटी इलाके में दो लाख से अधिक आबादी की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है, लेकिन जिम्मेदारों के आदेश कागजों से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। लालघाटी के हलालपुर पटाखा बाजार की 15 दुकानों और पांच गोदामों की एनओसी तीन महीने पहले निरस्त की जा चुकी है।

एसडीएम कोर्ट ने सार्वजनिक खतरे को देखते हुए 13 सुरक्षा शर्तों के साथ कारोबार की अनुमति दी है, लेकिन मौके पर इन शर्तों के पालन की तस्वीर चिंताजनक है।

घनी आबादी के बीच बारूद का कारोबार

कहीं पानी की व्यवस्था नहीं, कहीं खाली रेत की बाल्टियां तो कहीं आग बुझाने के लिए गिने-चुने अग्निशमन यंत्र रखे मिले। ऊपर से भोपाल-इंदौर मार्ग पर पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने से जाम का खतरा अलग है।ऐसे में इस दिपावली भी घनी आबादी के बीच बारूद का कारोबार जारी रहने की आशंका है।


बता दें कि इन दुकानों से जुड़े जबलपुर हाईकोर्ट में 12 रिट और आठ अवमानना प्रकरण लंबित हैं। स्थगन के चलते शिफ्टिंग की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पा रही है।इसी बीच नवदुनिया ने शनिवार को दुकानों की पड़ताल की तो अनके खामियां उजागर हुई हैं, ऐसे में यदि आग लगती है तो बड़ा हादसा हो सकता है।

खाली मिलीं बल्टियां, पानी के इंतजाम नहीं

- महादेव फायरवर्क्स के बाहर रेत की बाल्टियां खाली मिलीं, जबकि पानी का इंतजाम नहीं था। दुकान के पास स्थित दो गोदामों के सामने भी पानी की व्यवस्था नहीं दिखी।

- महालक्ष्मी ट्रेडर्स पर अग्निशमन यंत्र तो मिले, लेकिन पानी और रेत नहीं थी। पास की तीन दुकानों को गोदाम बनाकर पटाखे रखे गए थे, जहां आग से बचाव के इंतजाम नाकाफी नजर आए। बिजली के तार भी अव्यवस्थित मिले।

- अंदरूनी हिस्से की नेशनल फायरवर्क्स और जय दुर्गा फायरवर्क्स दुकानों के बाहर पानी की व्यवस्था नहीं मिली।

-जैन पटाखा हाउस और हंस पटाखा के यहां 100-100 लीटर, न्यू इंडिया फायरवर्क्स पर 200 लीटर और ताज पटाखा सेंटर के बाहर 500 लीटर पानी की टंकी रखी मिली।

- एमपी फायरवर्क्स के यहां भी 200 लीटर पानी, कुछ रेत और अग्निशमन यंत्र मिले। यानी सुरक्षा इंतजाम दुकानों पर एक जैसे नहीं हैं।

यह भी पढ़ें- भोपाल के गोविंदपुरा में प्रशासन का बड़ा एक्शन; नियम ताक पर रखकर चलाए जा रहे शोरूम-गोदामों के 21 आवंटन कैंसिल

सड़क पर पार्किंग, हादसे में बढ़ सकती है मुश्किल

पटाखा बाजार भोपाल-इंदौर मार्ग पर स्थित है। अलग पार्किंग नहीं होने से ग्राहक मुख्य सड़क पर वाहन खड़े कर देते हैं। इससे बैरागढ़ से भोपाल की ओर आने वाले वाहनों को निकलने में परेशानी होती है और जाम लगता है। आग लगने की स्थिति में दमकल को घटनास्थल तक पहुंचाने में भी मुश्किल हो सकती है।बता दें कि दीपावली से पहले शुरू होने वाली खरीदारी के दौरान सड़क पर वाहनों की कतार लग जाती है और लंबा जाम लग जाता है।

आदेश के बाद भी निगरानी सबसे बड़ा सवाल

एनओसी निरस्त होने और सुरक्षा शर्तें तय किए जाने के बावजूद दुकानों पर आग बुझाने के इंतजामों में अंतर सामने आना निगरानी पर सवाल खड़े करता है। दीपावली से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि प्रत्येक दुकान और गोदाम में पर्याप्त पानी, रेत, अग्निशमन यंत्र और सुरक्षित विद्युत व्यवस्था हो।

साथ ही, सड़क पर बेतरतीब पार्किंग रोकने और दमकल के लिए रास्ता खुला रखने की व्यवस्था भी जरूरी है। हाईकोर्ट में मामला लंबित है, लेकिन इससे सुरक्षा मानकों के पालन और उनकी जांच की जिम्मेदारी खत्म नहीं होती।

हाईकोर्ट का स्थगन आदेश प्रभावी रहने तक 13 शर्तों के साथ पटाखा बिक्री की अनुमति दी गई है। आम लोगों की सुरक्षा को देखते हुए इनका पालन जरूरी है। तहसीलदार की टीम जल्द ही बाजार का निरीक्षण करेगी।- रवीश श्रीवास्तव, एसडीएम बैरागढ़