
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश में स्कूल शिक्षा के बाद अब जनजातीय कार्य विभाग के ऐसे शिक्षक, जिनकी 35 वर्ष की सेवा पूरी हो चुकी है, उन्हें चतुर्थ क्रमोन्नति दी जाएगी। इसका लाभ अगले तीन वर्ष में 6,648 शिक्षकों को मिलेगा। चौथा वेतनमान देने पर 182 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार राजकोष पर आएगा।
इसी तरह सहकारी समितियों के उन डिफाल्टर किसानों को राज्य सरकार राहत देगी, जिन्होंने अपना ऋण समय पर चुका दिया या फिर लिया ही नहीं, फिर भी खातों में यह दर्ज है। इसके कारण उन्हें न तो सहकारी समिति से खाद-बीज मिल पा रहा है और न ही नया ऋण। शिक्षक और किसान हित में ये निर्णय मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में लिए गए।
बैठक में जनजातीय कार्य विभाग के शैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षक, उच्च श्रेणी शिक्षक तथा नए शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों के लिए चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसका लाभ एक जुलाई, 2023 या इसके बाद की तिथि से 35 वर्ष की सेवा पूरी करने पर मिलेगा। यह प्रविधान स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षकों के लिए पहले ही किया जा चुका है।
कृषक कल्याण वर्ष में किसान हितैषी एक और निर्णय लेते हुए सहकारिता विभाग की कवच योजना को स्वीकृति दी गई। यह योजना सहकारी समितियों के ऐसे लगभग पांच हजार किसानों के लिए है, जिनके ऋण खाते में गड़बड़ियां हुई हैं। ये किसान जांच में देरी की वजह से सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कई प्रकरण ऐसे हैं, जिनमें किसानों का दावा है कि उन्होंने ऋण लिया ही नहीं और समिति ने उनके नाम पर चढ़ा दिया। इसी तरह राशि जमा करने के बाद भी वसूली निकाली जा रही है। यह जमा न करने पर डिफाल्टर घोषित कर दिया। इससे कई प्रतिबंध लग जाते हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने कवच योजना लाने का निर्णय लिया। इसमें संबंधित किसान आवेदन करेगा। उसकी जांच कलेक्टर की अध्यक्षता वाली समिति करेगी। इसकी अनुशंसा पर नया ऋण खाता खोला जाएगा और खाद-बीज के साथ नकदी लेने की पात्रता मिल जाएगी। जांच चलती रहेगी।
चूंकि, ऋण समितियां देती हैं इसलिए राशि की व्यवस्था के लिए अपेक्स बैंक और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक अपने स्तर से 50 करोड़ रुपये की निधि बनाएंगे। राज्य सरकार भी 25 करोड़ रुपये की अंशपूंजी सहायता एक बार उपलब्ध कराएगी।
प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्टेट डाटा सेंटर के उन्नयन, परिचालन और संधारण के लिए 1,099 करोड़ 58 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई।
बैठक में एक अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2031 की अवधि में निरंतर रखी जाने वाली विभिन्न योजनाओं को स्वीकृति दी गई। स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए जिला एवं सिविल अस्पतालों व औषधालयों के सुचारु संचालन के लिए 12,517 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। इसी तरह प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल की पहुंच बढ़ाने के लिए 11,812 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के अंतर्गत कोविड महामारी जैसी स्वास्थ्य आपदाओं से निपटने और नियंत्रण के साथ लैब नेटवर्क निर्माण के लिए 2,449 करोड़ और मलेरिया एवं बैक्टीरियाजनित रोगों के प्रभावी नियंत्रण के लिए 1,705 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई।
प्रदेश के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं और स्टेडियम उपलब्ध कराने के लिए पांच साल में 2,460 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। नई खेल अधोसंरचना उपलब्ध कराने के साथ मौजूद अधोसंरचना का उन्नयन किया जाएगा। साथ ही आवश्यक स्थायी प्रकार के खेल उपकरण स्थापित कराए जाएंगे।
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कैबिनेट बैठक में सिर्फ वेतनमान ही नहीं, नई भर्तियों को लेकर भी फैसला हुआ है। प्रदेश में जल्द ही 10 हजार शिक्षकों की नई भर्ती की जाएगी। इससे स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होने की उम्मीद है। जनजातीय बहुल क्षेत्रों में लंबे समय से शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। नई भर्तियों से इन इलाकों की शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। छात्रों को भी इसका सीधा फायदा मिलेगा।