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MP में सांची बढ़ा रहा कारोबार पर किसान परेशान; दुग्ध उत्पादक बोले- लागत निकालना मुश्किल, फैट का रेट 10 से 12 रुपये किया जाए

दुग्ध उत्पादकों ने सांची कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर फैट का भुगतान 12 रुपये करने की मांग उठाई है। किसानों का कहना है कि मौजूदा भुगतान उनकी लागत के म...और पढ़ें

By anjali tomarEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Sat, 26 Sep 2026 08:41:20 PM (IST)Updated Date: Sat, 26 Sep 2026 08:41:20 PM (IST)
MP में सांची बढ़ा रहा कारोबार पर किसान परेशान; दुग्ध उत्पादक बोले- लागत निकालना मुश्किल, फैट का रेट 10 से 12 रुपये किया जाए
दुग्ध उत्पादकों ने फैट का भुगतान 12 रुपये करने की मांग उठाई है। नईदुनिया।

HighLights

  1. सांची ने तय किया 52 लाख लीटर प्रतिदिन संकलन का लक्ष्य
  2. दुग्ध उत्पादकों ने प्रति फैट भुगतान 10 से 12 रुपये करने की मांग की
  3. एनडीडीबी के संचालन से जुड़ने के बाद करीब 1800 नई समितियां जुड़ी

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। प्रदेश में कृषक कल्याण वर्ष के दौरान दूध उत्पादन बढ़ाने और किसानों को संगठित सहकारी व्यवस्था से जोड़ने के बड़े लक्ष्य तय किए गए हैं। सांची अगले पांच वर्षों में अपना दूध संकलन करीब तीन गुना बढ़ाकर 52 लाख लीटर प्रतिदिन करने की तैयारी कर रहा है।

वहीं इसी बीच इंदौर और आसपास के जिलों के दुग्ध उत्पादकों ने सांची कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर फैट का भुगतान 12 रुपये करने की मांग उठाई है। किसानों का कहना है कि मौजूदा भुगतान उनकी लागत के मुकाबले कम है।


सांची प्रबंधन के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 की तुलना में 2026-27 में कारोबार और दूध संकलन में करीब 27 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की गई है। अप्रैल 2025 में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के संचालन से जुड़ने के बाद करीब 1800 नई समितियां सांची से जुड़ी हैं।

प्रबंधन का कहना है कि गांव स्तर तक समितियों का विस्तार कर अधिक से अधिक दूध उत्पादकों को संगठित व्यवस्था से जोड़ने पर जोर है।

यह भी पढ़ें- अब मोबाइल बताएगा दूध कितना शुद्ध, NDDB टेस्टिंग ऐप से होगी जांच, रियल टाइम डेटा से रुकेगी गड़बड़ी

17.5 लाख से 52 लाख लीटर तक संकलन का लक्ष्य

राज्य सरकार ने करीब 2,973 करोड़ रुपये का डेयरी डेवलपमेंट प्लान स्वीकृत किया है। इसके तहत अगले पांच वर्षों में सांची को करीब 741 करोड़ रुपये दिए जाने की योजना है।

वर्तमान में करीब 17.5 लाख लीटर प्रतिदिन दूध संकलन को बढ़ाकर 52 लाख लीटर करने का लक्ष्य है। इसके लिए नई समितियों के गठन के साथ नए डेयरी प्लांट और प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा।

सांची दूध संकलन बढ़ाने की तैयारी कर रहा है, लेकिन इसके साथ किसानों को मिलने वाले भुगतान पर भी ध्यान देना जरूरी है। वर्तमान में प्रति फैट 8.70 रुपये का भुगतान किया जा रहा है, जिसे कम से कम 10 रुपये किया जाना चाहिए। एक पशु पर रोजाना करीब 350 रुपये खर्च आता है। ऐसे में कई बार दूध की लागत भी पूरी नहीं हो पाती। - अनिल तिवारी, रोडिया, दुग्ध उत्पादक

प्रति फैट 10 रुपये से अधिक भुगतान होना चाहिए। क्योंकि कि जब अन्य ब्रांड दूध उत्पादकों को फैट के अधिक दाम दे रहे हैं तो सांची में भी उत्पादकों को उनकी फैट के अनुसार उचित भुगतान मिलना चाहिए। - गिरजा, खोकरिया, दुग्ध उत्पादक

दूध उत्पादकों को प्रति फैट 8.70 रुपये दिए जा रहे हैं। फिलहाल इसे 10 या 12 रुपये करना संभव नहीं है। दूध संकलन बढ़ाने के साथ प्रोसेसिंग क्षमता और इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत किया जा रहा है। नए प्लांट से क्षमता 32-35 लाख लीटर प्रतिदिन होगी। अतिरिक्त दूध की प्रोसेसिंग थर्ड पार्टी प्लांट्स से होगी। पांच वर्षीय योजना का खाका तैयार है, औपचारिकताओं के बाद काम शुरू होगा। - जयदेव बिस्वास, प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश स्टेट कोआपरेटिव डेयरी फेडरेशन

बड़ा सवाल

सांची पांच साल में दूध संकलन 17.5 लाख से बढ़ाकर 52 लाख लीटर प्रतिदिन करना चाहता है। नई समितियां भी जुड़ रही हैं। ऐसे में सवाल है कि बढ़ती लागत के बीच किसानों को उचित भुगतान कैसे मिलेगा और फैट के दाम बढ़ाने की मांग पर क्या समाधान निकलेगा।