भोपाल में 26वें दिन DPI पहुंचे चयनित शिक्षक; रातभर दफ्तर के बाहर जमाया डेरा, पदवृद्धि की मांग पर अड़े
शिक्षक भर्ती-2025 के चयनित अभ्यर्थियों का आंदोलन 26वें दिन भी जारी रहा। नीलम पार्क से आगे बढ़कर अभ्यर्थियों ने डीपीआई के सामने डेरा डाल दिया और रातभर ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 16 Sep 2026 07:53:24 PM (IST)Updated Date: Wed, 16 Sep 2026 07:53:24 PM (IST)
डीपीआई के सामने प्रदर्शन करते अभ्यर्थी। वीडियोग्रेब।HighLights
- शिक्षक भर्ती-2025 के चयनित अभ्यर्थियों का आंदोलन 26वें दिन भी जारी रहा
- अभ्यर्थियों ने डीपीआई, भोपाल के सामने डेरा डाल दिया और रातभर धरना दिया
- वर्ग-2 माध्यमिक और वर्ग-3 प्राथमिक शिक्षक भर्ती में पदवृद्धि की मांग
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। शिक्षक भर्ती-2025 में पदवृद्धि की मांग को लेकर चयनित शिक्षकों का आंदोलन बुधवार को लगातार जारी है। बीते मंगलवार को अभ्यर्थियों ने नीलम पार्क से आगे बढ़ते हुए जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान (डीपीआई) परिसर के सामने डेरा डाल दिया।
प्रदर्शनकारी रातभर वहीं बैठे रहे। उनका कहना है कि जब तक वर्ग-2 माध्यमिक और वर्ग-3 प्राथमिक शिक्षक भर्ती में रिक्त पदों के आधार पर पदवृद्धि नहीं की जाती, आंदोलन जारी रहेगा।
26 दिन से कर रहे प्रदर्शन
अभ्यर्थियों के अनुसार पिछले 26 दिन से नीलम पार्क में अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है। इससे पहले 21 अगस्त को प्रदेशभर से आए अभ्यर्थियों ने भोपाल में प्रदर्शन किया था। उन्होंने डीपीआई के सामने ज्ञापन सौंपने के बाद रैली निकाली और नीलम पार्क में धरना शुरू किया था।
अभ्यर्थियों का कहना है कि पदवृद्धि की मांग को लेकर नवंबर 2025 से जुलाई 2026 के बीच कई चरणों में आंदोलन और प्रदर्शन किए जा चुके हैं। इसके बावजूद उनकी मांग पर अब तक निर्णय नहीं हुआ।
उनका कहना है कि प्रदेश में शिक्षकों के रिक्त पदों के बावजूद भर्ती में अपेक्षित संख्या में पद नहीं बढ़ाए गए हैं। वे सरकार से रिक्त पदों के आधार पर भर्ती के पद बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। शासन की अमानवीयता देखिए हमारे साथी नरेंद्र राजपूत सर की बहुत ही गंभीर स्थिति है वे अपनी भावनाओं को भी नहीं रोक पा रहे हैं।
रातभर डीपीआई के सामने डटे
मंगलवार को डीपीआई पहुंचने के बाद अभ्यर्थियों ने परिसर के बाहर धरना दिया और रात भी वहीं बिताई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अब वे नीलम पार्क लौटने के बजाय डीपीआई के सामने ही अपनी मांग उठाएंगे। उनका कहना है कि मांग पूरी होने तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
चयनित शिक्षकों के आंदोलन को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी समर्थन दे चुके हैं। वे दो बार धरनास्थल पर पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा था कि मांगें पूरी नहीं होने पर वे स्वयं भूख हड़ताल करेंगे।