
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। शारदीय नवरात्रि के साथ भोपाल के बाजारों में त्योहारी खरीदारी का दौर शुरू हो गया है। न्यू मार्केट, 10 नंबर मार्केट, बिट्टन मार्केट, चौक बाजार, करोंद और बैरागढ़ सहित शहर के प्रमुख बाजारों में कारोबारियों ने त्योहारों की मांग को देखते हुए तैयारियां शुरू कर दी हैं। पूजा सामग्री, फूल-फल और चुनरी से शुरू होने वाली खरीदारी गरबा के पारंपरिक परिधानों, दशहरा, करवा चौथ और दीपावली के सामान तक पहुंचेगी। इसके बाद छठ तक कई श्रेणियों में मांग बनी रहने की उम्मीद है।
ऐसे में व्यापारियों के लिए अगले डेढ़ महीने बिक्री बढ़ाने के साथ छोटे कारोबारियों और स्थानीय कारीगरों को काम देने का अवसर भी होंगे।नवरात्रि के दौरान कलश, नारियल, चुनरी, मौली, रोली, कपूर, धूप-अगरबत्ती और पूजा पात्रों की मांग बढ़ती है। नौ दिनों तक घरों और मंदिरों में पूजा-अर्चना होने से इन वस्तुओं की बिक्री बनी रहती है। प्रमुख बाजारों के अलावा कालोनियों और चौराहों पर अस्थायी दुकानें लगाने वाले छोटे दुकानदारों को भी इस दौरान अतिरिक्त कमाई की उम्मीद रहती है।
नवरात्रि में गरबा और डांडिया आयोजनों के कारण पारंपरिक परिधानों की मांग बढ़ती है। चनिया-चोली, लहंगा, कुर्ते, पगड़ी और पारंपरिक आभूषणों के साथ मैचिंग ज्वेलरी, चूड़ियां, जूती और अन्य एक्सेसरीज की खरीदारी होती है। इसका फायदा कपड़ा कारोबारियों के साथ दर्जियों, कढ़ाई करने वालों और छोटे विक्रेताओं को भी मिलता है।
नवरात्रि के बाद दशहरा और फिर करवा चौथ के लिए खरीदारी होगी। दीपावली के दौरान कपड़ों, जूते-चप्पल, मोबाइल, इलेक्ट्रानिक्स, घरेलू उपकरण, फर्नीचर, सजावटी सामान, मिठाई, उपहार और ज्वेलरी की मांग बढ़ने की उम्मीद रहती है। कई परिवार त्योहारों के लिए पहले से खरीदारी करते हैं, जबकि कुछ लोग बजट और आफर देखकर खरीदारी का समय तय करते हैं। इससे अलग-अलग बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही बनी रह सकती है।
मंगलम इलेक्ट्रोनिक के डायरेक्टर श्याम बंसल ने बताया कि त्योहारों के दौरान फूल-मालाओं, फलों, मिठाइयों और पूजा सामग्री की मांग बढ़ती है। दुर्गा पूजा पंडालों और धार्मिक आयोजनों के लिए बांस, कपड़े, रंग, लाइट, बिजली की झालर और साउंड सिस्टम की जरूरत होती है। इससे सजावट कारोबारियों, कारीगरों, मजदूरों और इलेक्ट्रिशियन को भी काम मिलता है। चौक बाजार में पारंपरिक खरीदारी और ज्वेलरी, जबकि न्यू मार्केट, 10 नंबर और बैरागढ़ में कपड़े, फुटवियर और घरेलू जरूरत के सामान का कारोबार महत्वपूर्ण रहता है।
किराना व्यापारी महासंघ महामंत्री विवेक साहू ने बताया कि त्योहारी कारोबार का लाभ बड़े शोरूम तक सीमित नहीं रहता। फूल और फल विक्रेता, मिठाई दुकानदार, दर्जी, कारीगर और अस्थायी स्टाल लगाने वाले भी इस सीजन पर निर्भर रहते हैं। नवरात्रि से शुरू होने वाली खरीदारी यदि दशहरा और दीपावली तक गति बनाए रखती है, तो बाजार में बिक्री के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं। कारोबारियों की नजर अब इसी बात पर है कि शुरुआती रौनक दीपावली तक कितनी मजबूत बनी रहती है। छठ तक जारी रहने वाली मांग इस कारोबारी सीजन को और विस्तार दे सकती है।