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भोपाल मास्टर प्लान-2047: रहवासी क्षेत्रों में नहीं खुलेंगे शोरूम-मॉल, 27% होगा ग्रीन बेल्ट; 30 दिनों में दर्ज करा सकेंगे दावे-आपत्तियां

नए मास्टर प्लान में निवेश क्षेत्र का में बड़ा विस्तार हुआ है। इसे 1016.90 वर्ग किलोमीटर तक फैलाया गया है, जिसमें 254 गांव शामिल हैं। इसके साथ 51 किलोम...और पढ़ें

By PANKAJ SHRIVASTAVAEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Sat, 26 Sep 2026 08:21:28 PM (IST)Updated Date: Sat, 26 Sep 2026 08:21:28 PM (IST)
भोपाल मास्टर प्लान-2047: रहवासी क्षेत्रों में नहीं खुलेंगे शोरूम-मॉल, 27% होगा ग्रीन बेल्ट; 30 दिनों में दर्ज करा सकेंगे दावे-आपत्तियां
रहवासी क्षेत्रों में शोरूम, शापिंग मॉल जैसी गतिविधियां नहीं चलेंगी। नईदुनिया।

HighLights

  1. 21 साल बाद आया भोपाल का मास्टर प्लान
  2. रहवासी क्षेत्रों में कारोबार पर रहेगा नियंत्रण
  3. मसौदे पर 30 दिन तक दावा-आपत्ति की जा सकेगी

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। राजधानी को वर्ष 2047 तक आधुनिक, पर्यावरण अनुकूल महानगर बनाने के लिए सरकार ने शनिवार को भोपाल विकास योजना 2047 का मसौदा जारी कर दिया। 21 वर्ष की देरी से आई विकास योजना को 45 लाख की आबादी की आकांक्षाओं और जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है।

इस प्रारूप ने साफ कर दिया है कि रहवासी क्षेत्रों में शोरूम, शापिंग मॉल जैसी गतिविधियां नहीं चलेंगी।

ग्रीन बेल्ट 12 से बढ़ाकर 27 प्रतिशत

शहर में हरित क्षेत्र को 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं शहर को विकसित होने देने के लिए विकास योग्य प्रस्तावित क्षेत्रफल 61,017.02 हेक्टेयर कर दिया गया है। यह 2005 की विकास योजना में प्रस्तावित 25,351 हेक्टेयर से ढाई गुना अधिक है।


भोपाल विकास योजना यानी मास्टर प्लान में देरी से शहर में विकास संबंधी बड़ी जटिलताएं पैदा हो गई थीं। नवदुनिया ने इन जटिलताओं को लेकर एक अभियान के जरिए जनता और सरकार दोनों का ध्यान समस्या की ओर खींचा था।

सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद नगर निगम ने रहवासी क्षेत्रों में कारोबारी गतिविधियों को रोकना शुरू किया तो विवाद बढ़ गया।

नईदुनिया का मुहिम पर मुहर

8 अगस्त को नईदुनिया संवाद कार्यक्रम में शहर की जनता, व्यापारी और सांसद-विधायकों ने भोपाल मास्टर प्लान की जरूरत बताई। सर्वोच्च न्यायालय में 22 सितंबर को हुई सुनवाई में सरकार ने मास्टर प्लान लाने की बात कही थी।

नए मास्टर प्लान में निवेश क्षेत्र का में बड़ा विस्तार हुआ है। इसे 1016.90 वर्ग किलोमीटर तक फैलाया गया है, जिसमें 254 गांव शामिल हैं। इसके साथ 51 किलोमीटर लंबा ग्रोथ कॉरिडोर और असीमित एफएआर भी मिल रहा है।

इस प्रारूप में अगले 30 दिन तक दावा आपत्ति की जा सकती है। अंतिम प्रारूप सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद आएगा।

यह भी पढ़ें- 254 गांव और 45 लाख आबादी की बदलेगी तस्वीर, भोपाल मास्टर प्लान से किस तरह होगा राजधानी का विकास?

सड़क की चौड़ाई तय करेगी कारोबार

- 12 मीटर से कम चौड़ी सड़कों पर कारोबार नहीं होगा। ऐसे क्षेत्र में केवल डॉक्टर, वकील, सीए, आर्किटेक्ट, इंजीनियर, मैनेजमेंट प्रोफेशनल जैसी पेशेवर गतिविधियां ही सिर्फ एक मंजिल तक चलाई जा सकेंगी।

- 12 से 18 मीटर चौड़ी सड़क पर भी शोरूम, होटल-कैफ नहीं खुलेंगे। यहां सिर्फ बैंक एटीएम, स्टेशनरी, मेडिकल आदि संचालित किये जा सकेंगे।

- 18 से 24 मीटर चौड़ी सड़कों पर नर्सिंग होम, सीमित क्षमता वाले रेस्टोरेंट, होटल-कैफ, कोचिंग संस्थान और शोरूम का संचालन किया जा सके।

- 30 मीटर से अधिक चौड़ी सड़क पर शापिंग कॉम्प्लेक्स संचालित किया जा सकेगा।

यह समृद्ध, सुगम, सुरक्षित और विकसित भोपाल का रोडमैप

कैपिटल सिटी की यह विकास योजना (मास्टर प्लान) भोपाल की प्राकृतिक धरोहर- भोजताल, वन क्षेत्रों एवं बाघ भ्रमण क्षेत्र के संरक्षण के साथ नागरिकों को बेहतर सुविधाएं, सुगम मोबिलिटी और आर्थिक विकास के अवसर उपलब्ध कराने की दृष्टि से तैयार की गई है। इस विकास योजना में हरित टीडीआर का बेहतर प्रविधान किया गया है, इससे हरित क्षेत्र में आने वाली भूमि के स्वामियों की क्षतिपूर्ति के साथ विकासकर्ताओं को टीडीआर के जरिए अतिरिक्त विकास की सुविधा भी मिल सकेगी। समृद्ध, सुगम, सुरक्षित और विकसित भोपाल के संकल्प की दिशा में यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है। इस प्रारूप पर नागरिकगण अपनी आपत्ति एवं सुझाव प्रस्तुत कर सकते हैं। - डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री