-महारानी विक्टोरिया के बाद नाइट ग्रैंड कमांडर की पदवी पाने वाली दूसरी महिला
-185 साल पहले आज हुआ था भोपाल की दूसरी महिला नवाब सिकंदर बेगम और जहांगीर मोहम्मद खान का निकाह
रुचि एस काशिव न भोपाल (नवदुनिया)
भोपाल देश की एक मात्र ऐसी रियासत रही है, जहां पूरी एक सदी तक महिला नवाबों का राज रहा है। इन महिला नवाबों ने कई ऐसे कार्य किए थे, जिसकी वजह से ब्रिटिश राज में भोपाल रियासत को 19 तोपों की सलामी दी जाती थी। इसी रियासत की दूसरी महिला नवाब सिकंदर बेगम भारत की पहली ऐसी शासक थीं, जिसने हज किया । उनसे पहले कोई भी मुस्लिम शासक हुकूमत करते हुए हज नहीं कर पाया। 18 अप्रैल सन् 1835 को उनकी शादी जहांगीर मोहम्मद खान से हुई थी। आज उनके निकाह को 185 साल पूरे हो गए हैं। बॉलीवुड अभिनेत्री शर्मिला टैगोर और उनके बेटे सैफ अली खान इन्हीं के वंशज हैं।
सिकंदर बेगम को एक निडर शासक के रूप में जाना जाता था। सिकंदर बेगम 1860 से 1868 तक भोपाल की नवाब रहीं, हालांकि इससे पहले करीब तेरह साल तक उन्होंने भोपाल की राज्याधिकारी के रूप में काम किया, क्योंकि भोपाल की नवाब उनकी बेटी शाहजहां बेगम थीं, लेकिन वे काफी छोटी थी इसलिए उन्होंने ही राजपाट संभाला।
एक हजार लोगों के साथ गईं थी हज पर - इतिहासकार पूजा सक्सेना बताती हैं कि ऐसे वक्त में जब हज यात्रा करना बेहद कठिन और खतरनाक माना जाता था, तब 1863 में सिकंदर बेगम ने करीब एक हजार लोगों के साथ हज यात्रा की थी। हज यात्रा के बाद उन्होंने यात्रा के संस्मरण लिखे थे। जिसे बाद में अंग्रेजी में 'अ प्रिंसेस पिलग्रिमेज' शीर्षक के साथ किताब के रूप में प्रकाशित किया गया। इस यात्रा संस्मरण में उन्होंने अरब और तुर्की के लोगों को असभ्य बताया। सिकंदर बेगम से पहले मुगल शासकों के खानदान की कई प्रमुख महिलााएं हज यात्रा कर चुकी थीं।
इतिहासकार पूजा सक्सेना बताती हैं कि अंगे्रजों ने उन्हें नाइट ग्रैंड कमांडर के अवॉर्ड से सम्मानित किया था। ब्रिटेन की महारानी विक्टोरिया के बाद यह सम्मान पाने वाली सिकंदर बेगम दूसरी महिला थी। इतिहासकार श्याम मुंशी के मुताबिक सिकंदर बेगम ने मंदिरों के लिए भी खूब जमीन दान में दी। उन्होंने हिंदू-मुसलमान में भेद नहीं किया।