
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। भोपाल जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) का दूसरा चरण चल रहा है, जिसमें नो मैपिंग मतदाताओं की सुनवाई से लेकर दावा-आपत्तियां प्राप्त कर परीक्षण किया जा रहा है।इसी बीच मतदाता सूची से मतदाताओं के नाम कटवाने के लिए झूठी आपत्तियां दर्ज करवाई जा रही हैं।
इनमें जिन व्यक्तियों के नाम से आपत्ति लगाई गई हैं, उनको इस बारे में कोई जानकारी ही नहीं है। जब उनको इसका पता चलता है तो उनके पैरो तले जमीन खिसक जाती है। वह अपनी सफाई देते हुए बोल रहे हैं कि हमने किसी भी मतदाता का सूची से नाम कटवाने के लिए कोई आपत्ति दर्ज नहीं करवाई है।
ऐसा ही एक मामला विधानसभा क्षेत्र दक्षिण-पश्चिम में सामने आया है, जहां पर सूची से नाम कटवाने के लिए लीलाधर नाम से सात आपत्तियां दर्ज करवाई गई हैं, जबकि लीलाधर का कहना है कि उन्होंने एक भी नहीं लगाई है। जिले के सात विधानसभा क्षेत्र में अब तक फार्म नंबर सात के तहत करीब नौ हजार 37 आपत्तियां दर्ज की गई हैं।
विधानसभा क्षेत्र दक्षिण-पश्चिम के कोटरा सुल्तानाबाद में रहने वाले लीलाधर के नाम से जो सात आपत्तियां दर्ज करवाई गई हैं। उनमें बुशरा, नाजिम कुरैशी, जावेद खान, शानू खान, सजरा, हुमा खान और शबाना बानो के नाम शामिल हैं। आपत्ति में इन सभी का नाम काटने का कारण अनुपस्थित होना बताया गया है, जबकि लीलधर ने ऐसी कोई भी आपत्ति लगाने से साफ इंकार कर दिया है।
बता दें कि जिले में एसआइआर के दौरान कुल 16 लाख 87 हजार 33 मतदाताओं के गणना पत्रक डिजिटाइज हुए हैं, जबकि चार लाख 38 हजार 317 के नाम काट दिए गए हैं। वहीं एक लाख 16 हजार 925 मतदाताओं को नो मैपिंग श्रेणी में रखा है, जिनकी 85 हेल्पडेस्क पर 90 एईआरओ के द्वारा सुनवाई की जा रही है।
मतदाता सूची से नाम कटवाने के लिए जो आपत्तियां दर्ज की जा रही हैं, उनमें गड़बड़ी का एक उदाहरण यह भी सामने आया है कि फार्म नंबर सात में आपत्तिकर्ता का नाम अलग है और मोबाइल नंबर किसी और का दर्ज किया गया है।विधानसभा क्षेत्र दक्षिण-पश्चिम विकेस सिंह ने शबाना बी और धम्मन बी का नाम कटवाने के लिए आपत्ति लगाई है, जबकि मोबाइल नंबर एक भाजपा नेता का लिखा गया है, जिन्हें किसी तरह की कोई आपत्ति नहीं है।
कांग्रेस नेता मोनू सक्सेना ने बताया कि विधानसभा क्षेत्र दक्षिण -पश्चिम में मतदाताओं के नाम सूची से कटवाने के लिए झूठी आपत्तियां दर्ज करवाई गई हैं। इसको लेकर पूर्व में टीटीनगर एसडीएम व रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अर्चना शर्मा को लिखित में शिकायत करते हुए विरोध दर्ज करवा चुके हैं।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता ने बताया कि फार्म नंबर सात के तहत प्राप्त आपत्तियों का परीक्षण के बाद ही मतदाता के नाम विलोप्ति किए जाएंगे। इन आपत्तियों के तहत बीएलओ द्वारा मौके पर पहुंचकर मतदाता की पहचान की जाती है यदि मतदाता नहीं मिलते हैं, तो उनको बकायदा नोटिस जारी कर मौका दिया जाता है। हर स्तर का परीक्षण करने के बाद ही नाम विलोप्ति किया जाता है।
भोपाल जिले के सात विधानसभा क्षेत्र में अब तक नौ हजार आपत्तियां प्राप्त हुई हैं, जो कि मतदाताओं की संख्या के हिसाब से न के बराबर हैं।सभी आपत्तियों की बीएलओ द्वारा जांच करवाई जा रही है। इसके बाद ही सूची से नाम हटाए जाएंगे। - कौशलेंद्र विक्रम सिंह, जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर