उम्मीदवार आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट ssc.nic.in पर जाकर 22 सितंबर 2026 रात 11 बजे तक आवेदन कर सकते हैं। करेक्शन विंडो 28 से 30 सितंबर तक ओपन रहेगी।
महत्वपूर्ण तिथि
आवेदन शुरू: 02 सितंबर, 2026
आवेदन करने की अंतिम तिथि: 22 सितंबर, 2026
फार्म में सुधार करने की तिथि: 28 से 30 सितंबर, 2026
सीबीटी-1 परीक्षा: अक्टूबर या नवंबर, 2026
सीबीटी-2 परीक्षा: दिसंबर, 2026
कौन कर सकते हैं रजिस्ट्रेशन
एसएससी में जूनियर इंजीनियर के पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों के पास भारत के किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री होनी चाहिए।
एज लिमिट
न्यूनतम : 18 साल
अधिकतम : 30 से 32 साल
सरकारी नियमों के मुताबिक आरक्षित वर्गों जैसे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और दिव्यांग उम्मीदवारों को अधिकतम उम्र में छूट दी जाएगी।
ये रहेगी सैलरी
35,400 - 1,12,400 रुपये प्रतिमाह
सिलेक्शन प्रोसेस
रिटन एग्जाम, डाक्यूमेंट वेरिफिकेशन
आवेदन शुल्क
अनारक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को अप्लाई करते समय 100 रुपये आनलाइन भुगतान करना होगा। हालांकि एससी एवं एसटी, महिला और दिव्यांग कैटेगरी के उम्मीदवार निशुल्क फार्म भर सकते हैं।
ऐसे करें आवेदन
एसएससी की आफिशियल वेबसाइट ssc.nic.in पर जाएं।होम पेज पर दिए गए अप्लाई टैब पर क्लिक करें।रजिस्ट्रेशन करके एप्लीकेशन फार्म भरें।मांगे गए डाक्यूमेंट्स अपलोड करें।फीस जमा करके फार्म सबमिट कर दें।
ऐसे करें तैयारी
परीक्षा विशेषज्ञ अंकिता महेश्वरी बताती हैं कि एसएससी जेई में सफलता के लिए अगर आर स्मार्ट तैयारी रणनीति अपनाएंगे तो मिल सकती है सफलता।
- तैयारी शुरू करने से पहले पेपर-1 और पेपर-2 का पैटर्न अच्छी तरह समझें। अपनी इंजीनियरिंग शाखा के सिलेबस को विषय और अध्याय के अनुसार बांटकर पढ़ाई का लक्ष्य तय करें। केवल पसंदीदा विषयों पर निर्भर न रहें।
- एसएससी जेई में तकनीकी विषय महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। केवल सूत्र याद करने के बजाय उनके पीछे की मूल अवधारणा समझें और संख्यात्मक प्रश्नों को हल करने का अभ्यास करें।
- सिविल: सर्वेक्षण, मृदा यांत्रिकी, द्रव यांत्रिकी, सिंचाई, परिवहन, पर्यावरण, आरसीसी, कंक्रीट तकनीक और संरचना सिद्धांत।
- इलेक्ट्रिकल: विद्युत परिपथ, विद्युत मशीनें, पावर सिस्टम, मापन यंत्र, बेसिक इलेक्ट्रानिक्स, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड और विद्युत उत्पादन-पारेषण-वितरण।
- मैकेनिकल: इंजीनियरिंग मैकेनिक्स, स्ट्रेंथ आफ मैटेरियल, थ्योरी आफ मशीन, मशीन डिजाइन, थर्मोडायनामिक्स, फ्लूड मैकेनिक्स, हीट ट्रांसफर, प्रोडक्शन तथा रेफ्रिजरेशन एवं एयर कंडीशनिंग।
- समानता, वर्गीकरण, संख्या व अक्षर श्रृंखला, कोडिंग-डिकोडिंग, दिशा ज्ञान, रक्त संबंध, वेन आरेख और तार्किक विश्लेषण जैसे अध्यायों के प्रश्न नियमित रूप से हल करें।
- करंट अफेयर्स के साथ इतिहास, भूगोल, भारतीय राजव्यवस्था, अर्थव्यवस्था, सामान्य विज्ञान और पर्यावरण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों का नियमित अध्ययन करें।
- सभी महत्वपूर्ण सूत्र, परिभाषाएं, मानक इकाइयां, महत्वपूर्ण मान और बार-बार भूलने वाले बिंदु एक जगह लिखें। इससे अंतिम समय में रिवीजन आसान होगा।
- केवल प्रश्न हल करने के बजाय उनका विश्लेषण करें। देखें कि किन अध्यायों से बार-बार प्रश्न पूछे जा रहे हैं और किस तरह के सवाल अधिक महत्वपूर्ण हैं।
- किसी विषय का पूरा सिलेबस खत्म होने का इंतजार न करें। अध्याय पढ़ने के बाद उसी से जुड़े वस्तुनिष्ठ और पिछले वर्षों के प्रश्न हल करें।
- सही सूत्र चुनने के साथ-साथ उसमें सही मान रखना, इकाई बदलना और तेजी से गणना करना सीखें। बार-बार होने वाली गणना की गलतियों को अलग से नोट करें।
- विषयवार टेस्ट देने के बाद उन अध्यायों की सूची बनाएं जहां सबसे ज्यादा गलतियां हो रही हैं या प्रश्न हल करने में अधिक समय लग रहा है। इन विषयों को अतिरिक्त समय दें।
- शुरुआत में अवधारणाओं को समझने पर ध्यान दें। इसके बाद धीरे-धीरे समयबद्ध अभ्यास शुरू करें। इससे परीक्षा में समय प्रबंधन बेहतर होगा।
- पहले अध्यायवार टेस्ट, फिर विषयवार टेस्ट और सिलेबस का पर्याप्त हिस्सा पूरा होने के बाद पूर्ण माक टेस्ट दें। इससे परीक्षा जैसी स्थिति में अभ्यास होगा।
- केवल स्कोर देखकर आगे न बढ़ें। गलत प्रश्न, अनुमान से किए गए प्रश्न और ज्यादा समय लेने वाले प्रश्न अलग-अलग नोट करें। यह भी देखें कि गलती अवधारणा, सूत्र, गणना या जल्दबाजी में से किस कारण हुई।
- ज्यादा प्रश्न करने के चक्कर में गलत अनुमान लगाने से बचें। पहले आसान और निश्चित प्रश्न हल करें, इसके बाद कठिन या ज्यादा समय लेने वाले प्रश्नों पर जाएं।
- पढ़े हुए विषयों को दोहराने के लिए दैनिक और साप्ताहिक रिवीजन करें। विशेष रूप से सूत्र, तकनीकी तथ्य, महत्वपूर्ण अवधारणाएं और पहले गलत किए गए प्रश्न दोहराएं।
- परीक्षा नजदीक आने पर नई किताबें या नए स्रोत शुरू करने के बजाय अपने शार्ट नोट्स, फार्मूला नोटबुक, माक टेस्ट और एरर नोटबुक का रिवीजन करें।
नोट- सिलेबस समझें → कान्सेप्ट पढ़ें → अध्यायवार प्रश्न हल करें → पीवाईक्यू का विश्लेषण करें → कमजोर विषय सुधारें → माक टेस्ट दें → गलतियों की एरर नोटबुक बनाएं → लगातार रिवीजन करें।