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भोपाल से चलने वाले फर्जी पासपोर्ट सिंडिकेट पर चला STF का चाबुक, दो और आरोपियों को हिरासत में लिया

फर्जी दस्तावेज से पासपोर्ट बनवाने के मामले में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने दो और आरोपितों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। इसके पहले रियाल चौधर...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Wed, 16 Sep 2026 07:46:52 AM (IST)Updated Date: Wed, 16 Sep 2026 07:48:22 AM (IST)
भोपाल से चलने वाले फर्जी पासपोर्ट सिंडिकेट पर चला STF का चाबुक, दो और आरोपियों को हिरासत में लिया
फर्जी पासपोर्ट मामले में STF ने दो और आरोपियों को हिरासत में लिया (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. फर्जी पासपोर्ट मामले में STF ने दो और आरोपियों को हिरासत में लिया
  2. भोपाल के अन्नानगर में डेढ़ साल तक रह चुका है मुख्य आरोपी रियाल चौधरी
  3. एसटीएफ की कस्टडी में कैफे संचालक, राज उगलने की उम्मीद

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। फर्जी दस्तावेज से पासपोर्ट बनवाने के मामले में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने दो और आरोपितों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। इनमें एक कैफे संचालक और दूसरा मुख्य आरोपित रियाल चौधरी का केयर टेकर रहा है। दोनों से पूछताछ की जा रही है। इसके पहले चौधरी सहित चार आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था।

अब तक मिल चुके हैं 70 फर्जी पासपोर्ट

बता दें कि अभी तक भोपाल के अन्नानगर बौद्ध मठ से बने 40 सहित पांच जिलों से बने 70 फर्जी पासपोर्ट मिल चुके हैं। इनकी संख्या 200 तक हो सकती है। अन्नानगर मठ के आसपास रहने वाले लोगों ने एसटीएफ को बताया है कि रियाल चौधरी लगभग डेढ़ वर्ष से यहां रह रहा था।


उसकी गतिविधियां संदिग्ध लग रही थीं। उसका अधिकांश समय मोबाइल फोन पर बात करने में जाता था। आसपास के लोगों से बहुत कम घुलता-मिलता था। पूछताछ में यह भी पता चला है कि रियाल ने विभिन्न गतिविधियों और बच्चों की मदद के नाम पर चंदा भी इकट्ठा किया था।

यह भी पढ़ें- फर्जी पासपोर्ट कांड: सात राज्यों में मध्य प्रदेश STF ने डेरा डाला, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ दबिश, ग्वालियर-भोपाल से जुड़े तार

विदेशी फंडिंग की भी जांच कर रहा एसटीएफ

यह राशि पांच हजार से लेकर एक लाख रुपये तक थी। एसटीएफ संभावित विदेशी फंडिंग की भी जांच कर रही है। एसटीएफ पासपोर्ट बनाने के पहले सत्यापन करने वाले पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ करेगी। 10 से अधिक पुलिसकर्मियों ने सत्यापन कर हरी झंडी दी थी।