भोपाल में 2000 डंपर मालिकों की हड़ताल; चूना भट्टी चौराहे पर डटे 700 लोग, 4 लाख रुपये की पेनाल्टी के विरोध में प्रदर्शन
डंपर मालिकों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलने की तैयारी कर ली है। समाधान नहीं होने पर सड़क पर वाहन खड़े करने की चेतावनी दी है।
Publish Date: Mon, 21 Sep 2026 07:47:21 PM (IST)Updated Date: Mon, 21 Sep 2026 07:47:21 PM (IST)
चूनाभट्टी चौराहे पर करीब 700 डंपर मालिकों का धरना दे रहे हैं। नईदुनिया।HighLights
- भोपाल के करीब 2000 डंपरों के पहिए थमे
- 4 लाख रुपये की पेनाल्टी लगाने का विरोध
- चूनाभट्टी चौराहे पर करीब 700 डंपर मालिकों का धरना
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। भारी-भरकम पेनाल्टी के विरोध में राजधानी के करीब दो हजार डंपर संचालकों ने काम बंद कर दिया है। डंपर मालिकों का आरोप है कि परिवहन के दौरान कार्रवाई होने पर उन पर 4 लाख रुपये का तय जुर्माना और इसके अलावा 20 से 40 हजार रुपये तक अतिरिक्त पेनाल्टी लगाई जा रही है।
इसके विरोध में करीब 700 डंपर मालिक चूनाभट्टी चौराहे पर धरना दे रहे हैं।
लोकल ट्रांसपोर्ट जागरूकता सहायता समिति के बैनर तले चल रहा धरना सोमवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। डंपर मालिकों का कहना है कि पिछले दो दिनों से बड़ी संख्या में वाहन अलग-अलग स्थानों पर खड़े हैं। इससे रेत, गिट्टी और कोपरा की स्थानीय सप्लाई भी प्रभावित हुई है।
इन स्थानों पर खड़े किए डंपर
डंपर मालिकों के अनुसार कोलार रोड पर करीब 100, ईंटखेड़ी में 80, रायसेन रोड पर 25 और 11 मील क्षेत्र में करीब 70 डंपर सड़क किनारे खड़े किए गए हैं। कोलार रोड स्थित चूनाभट्टी चौराहे से सर्वधर्म ब्रिज तक सड़क के दोनों ओर भी डंपर खड़े हैं। इससे इन मार्गों पर यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन रही है।
तीन साल से जुर्माना लगाए जाने का दावा
संगठन के सचिव रोहित यादव ने बताया कि परिवहन के दौरान डंपर पकड़े जाने पर चार लाख रुपये का फिक्स जुर्माना लगाया जा रहा है। इसके साथ ही 20 से 40 हजार रुपये तक अतिरिक्त जुर्माना भी वसूला जाता है। उनका दावा है कि पिछले तीन साल से इस तरह की कार्रवाई की जा रही है।
डंपर मालिकों ने जुर्माने की प्रक्रिया को मनमाना और भेदभावपूर्ण बताते हुए इसे तत्काल बंद करने की मांग की है। उनका कहना है कि भारी पेनाल्टी के कारण डंपर व्यवसाय से जुड़े लोगों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति बन रही है।
मुख्यमंत्री से मिलने की तैयारी
संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलकर अपनी समस्या रखना चाहते हैं। इसके लिए सांसदों और विधायकों से संपर्क किया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि सरकार की ओर से कोई समाधान नहीं निकाला गया तो डंपर सड़कों पर खड़े कर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
मंगलवार को संगठन की बैठक प्रस्तावित है। इसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। डंपर मालिकों ने सरकार से पेनाल्टी की कार्रवाई पर पुनर्विचार करने और उनकी मांगों पर बातचीत करने की मांग की है।