
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। दीपावली से पहले राजधानी में सफाई व्यवस्था पर संकट खड़ा हो गया है। एक तरफ वेतन वृद्धि और नियमितीकरण सहित लंबित मांगों को लेकर सफाईकर्मियों ने चार नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।
वहीं, दूसरी तरफ नगर निगम ने उसी दिन से पूरे शहर में विशेष सफाई और फागिंग अभियान शुरू करने की तैयारी कर ली है। हड़ताल हुई तो शहर में कचरा उठाव और सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में निगम ने अधिकारियों और कर्मचारियों को मैदान में उतारकर सफाई व्यवस्था संभालने की तैयारी शुरू कर दी है।
अखिल भारतीय सफाई मजदूर ट्रेड यूनियन के बैनर तले मंगलवार को नीलम पार्क में प्रदेशव्यापी धरना-प्रदर्शन होगा। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष मगनलाल झांझोट ने प्रदेशभर से आठ से 10 हजार सफाईकर्मियों और अन्य कर्मचारी वर्गों के शामिल होने का दावा किया है। वेतन वृद्धि, नियमितीकरण सहित लंबित मांगों पर सरकार से निर्णय नहीं होने पर चार नवंबर से सभी नगरीय निकायों में अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई है।
हड़ताल की चेतावनी के बीच निगम ने विशेष सफाई अभियान के आदेश जारी किए हैं। इसके अनुसार, प्रतिदिन सुबह छह से 11 बजे और दोपहर 12 से तीन बजे तक सफाई अभियान चलाया जाएगा। प्रत्येक जोन के अधिकारी-कर्मचारी एक साथ निर्धारित वार्ड में काम करेंगे। कचरा और मलबा हटाने के लिए डंपर, जेसीबी सहित सभी उपलब्ध वाहन और मशीनरी लगाई जाएगी।
इसी तरह चार नवंबर से शाम चार से रात आठ बजे तक पूरे शहर में विशेष फागिंग अभियान चलाया जाएगा। सभी वार्डों और संवेदनशील क्षेत्रों को इसमें शामिल करने के निर्देश हैं। डोर-टू-डोर वाहनों से डेंगू और मच्छरजनित बीमारियों के प्रति जागरूकता का अनाउंसमेंट किया जाएगा। घरों और व्यावसायिक परिसरों में पानी जमा होने की जांच कर लार्वा मिलने पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।
प्रदर्शन की तैयारी के बीच सोमवार को सरकारी कचरा गाड़ियों पर लगे लाउडस्पीकर से प्रदर्शन का प्रचार कराने का मामला भी सामने आया। इसके जरिए कर्मचारियों को नीलम पार्क पहुंचने की सूचना दी गई। जानकारी के अनुसार, इसकी शिकायत नगर निगम अधिकारियों तक पहुंची है। अब सवाल उठ रहे हैं कि सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल किसी यूनियन के आंदोलन के प्रचार के लिए किसकी अनुमति से किया गया?