
भोपाल। लॉकडाउन में खाली बैठै छात्रों के लिए मोबाइल पर गेम खेलना अब एक जानलेवा नशा बनता जा रहा है। ताजा मामला बागसेवनिया में आईटीआई के एक छात्र का है। जिसने शनिवार को अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि छात्र काफी समय से अपने मोबाइल पर गेम खेल रहा था। उसका नेट पैक खत्म होने के बाद उसने परिजनों ने उसे रिचार्ज कराने के लिए कहा था। उन्होंने शाम को रिचार्ज कराने के लिए कहा था। उसने पहले ही छात्र ने जान दे दी। पुलिस ने जांच शुरू कर दी हैं।
बागसेवनिया थाने के एसआई गजेंद्र सिंह के अनुसार बागसेवनिया निवासी नीरज कुशवाह (16) आईटीआई का छात्र था। वह अपने मां- पिता और दो छोटे भाईयों के साथ रहता था। उसके पिता राजमिस्त्री का काम करते हैं। वह पिछले कुछ समय से मोबाइल गेम खेल रहा था। परिजनों का कहना है कि उस पर गेम खेलने का नशा रहता था। वह गेम के लिए सब कुछ भूल जाता था। वह छह माह से मोबाइल गेम खेल रहा था।
रिचार्ज के लिए करने के लिए बोला था
पुलिस जांच में परिजनों ने बताया है कि नीरज के मोबाइल का नेट पैक खत्म हो गया था। जिसके लिए वह रिचार्ज के लिए कह रहा था। उसने कहा भी था कि रिचार्ज शनिवार को शाम को करा देंगे। नीरज के पिता ने बागमुगालिया में एक भूखंड खरीदा है, जिस पर निर्माण चल रहा था। नीरज अपने तीन भाईयों में सबसे बड़ा था। शनिवार को उसके दोनों छोटे भाई भी प्लाट पर गए थे। मां खाना बनाने के लिए प्लाट पर चली गई थी। दोपहर में वापस घर लौटी तो दरवाजा बंद था। जब आस-पड़ोस के लोगों को बुलाकर दरवाजा धक्का मारकर खोला तो वह अंदर फांसी पर लटका था। पुलिस को सूचना दीं पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।