
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। भेल औद्योगिक परिसर में 4.72 लाख रुपये कीमत के 525 किलो कॉपर की चोरी के मामले में अंदरूनी मिलीभगत का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जहां सुपरवाइजर और क्रेन हेल्पर ने चोरों को बुलाया और उन्हें स्टोर रूम की चाबी सौंप दी। जिसके बाद चोरों ने कर्मचारियों की ड्यूटी बदलने के दौरान स्टोर से 25-25 किलो के 21 कॉपर रोल निकाले और कार में लादकर बाहर ले गए। बाद में चोरी का माल दो कबाड़ियों को 30 हजार रुपये में बेच दिया।
गोविंदपुरा पुलिस ने कुल पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गोविंदपुरा पुलिस के अनुसार, अवधपुरी निवासी भेल मैनेजर राम कुमार सिंह (39) ने शिकायत की थी कि 13 अक्टूबर सुबह करीब 5:30 बजे सीआईएम ब्लॉक-8 के मटेरियल स्टोर के सीसीटीवी में दो संदिग्ध कॉपर रोल ले जाते दिखे। जांच में 25-25 किलो के 21 रोल गायब मिले।
वाहनों के फुटेज में सुबह करीब पांच बजे कार परिसर से निकलती दिखी। इसके आधार पर पुलिस ने बागसेवनिया निवासी सुपरवाइजर सुधीर पाल (40), क्रेन हेल्पर धर्मेंद्र कटियार (32) और ओम प्रकाश बंजारे (26) को पकड़ा। पुलिस के अनुसार सुधीर ने स्टोर की चाबी धर्मेंद्र को दी। धर्मेंद्र अपने चाचा की कार से ओम प्रकाश के साथ पहुंचा और तीनों ने मिलकर रोल बाहर निकाले।
पूछताछ में आरोपितों ने चोरी का माल संतोष केदार और दीपक लोधी को 15-15 हजार रुपये में बेचने की बात बताई। पुलिस ने दोनों कबाड़ियों को भी गिरफ्तार कर नोटिस पर छोड़ दिया। शेष कॉपर की बरामदगी के लिए पूछताछ जारी है। पुलिस भेल के अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
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