
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने कार्ययोजना के तहत छह मार्च को मुख्य अभियंताओं के सात दलों से सीहोर, पांढुर्णा, भिंड, बड़वानी, मऊगंज, उज्जैन और पन्ना जिलों में विभिन्न निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण कराया। निरीक्षण के दौरान कुल 35 कार्यों को रेंडम आधार पर चयनित कर उनकी गुणवत्ता और प्रगति का परीक्षण किया गया।
इसके आधार पर एमपी सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक भरत यादव ने भिंड जिले के उदोतगढ़ में निर्माणाधीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन तथा जी-टाइप और एचआइ-टाइप आवासीय भवनों का कार्य संतोषजनक नहीं पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार मेसर्स जय कैला देवी कंस्ट्रक्शन कंपनी मुरैना को ब्लैकलिस्ट करने तथा कंसल्टेंट मेसर्स एनोवियस कंसल्टेंट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड भोपाल के विरुद्ध कार्रवाई और वसूली के निर्देश दिए गए। साथ ही संबंधित विभागीय अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए। निरीक्षण के दौरान पाए गए 20 निर्माण कार्यों में आवश्यक सुधार करने के भी निर्देश दिए गए।
निरीक्षण किए गए कार्यों में 21 कार्य लोक निर्माण विभाग (सड़क/पुल) के, पांच कार्य परियोजना क्रियान्वयन इकाई (भवन) के, छह कार्य मप्र सड़क विकास निगम, दो कार्य मप्र भवन विकास निगम तथा एक कार्य राष्ट्रीय राजमार्ग से संबंधित रहे। निरीक्षणों से प्राप्त प्रतिवेदनों की समीक्षा बैठक मप्र सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक भरत यादव की अध्यक्षता में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई।
बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जहां पुल-पुलियों की स्थिति खतरनाक हो, वहां नए प्रस्ताव तैयार करें, जिससे मानसून से पूर्व आवश्यक कार्य पूरे किए जा सकें। सड़क सुरक्षा और ब्रिज सेफ्टी ऑडिट के कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करें। लोक निर्माण सर्वेक्षण एप के माध्यम से सभी सड़कों की मैपिंग पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
भरत यादव ने निर्देश दिए कि नई सड़कों के निर्माण कार्यों के लिए कार्यादेश जारी करने से पहले संबंधित सड़क का सर्वेक्षण लोक निर्माण सर्वेक्षण एप के माध्यम से अनिवार्य रूप से करें। विभाग के अंतर्गत नए कार्यों के वर्क आर्डर भी इसी एप के माध्यम से कोड जारी कर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।