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RGPV पेपर चोरी कांड में अंदरूनी मिलीभगत की आशंका, सीसीटीवी में नहीं दिखा कोई बाहरी शख्स, संदेह के घेरे में स्टाफ

पुलिस अधिकारियों के अनुसार विश्वविद्यालय परिसर के सीसीटीवी फुटेज की जांच में कोई बाहरी व्यक्ति संदिग्ध रूप से प्रवेश करता दिखाई नहीं दिया। ऐसे में आशं...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Wed, 15 Jul 2026 09:11:07 AM (IST)Updated Date: Wed, 15 Jul 2026 09:11:41 AM (IST)
RGPV पेपर चोरी कांड में अंदरूनी मिलीभगत की आशंका, सीसीटीवी में नहीं दिखा कोई बाहरी शख्स, संदेह के घेरे में स्टाफ
राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) का फाइल फोटो

HighLights

  1. RGPV पेपर लीक मामले में सुरक्षा व्यवस्था की खुली पोल
  2. सीसीटीवी फुटेज की जांच में कोई बाहरी व्यक्ति नहीं दिखा
  3. पूर्व परीक्षा प्रभारी ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) के यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट (यूटीडी) में बीटेक चतुर्थ सेमेस्टर के नौ सीलबंद प्रश्नपत्रों के लिफाफे चोरी होने के मामले की जांच कई दिन बाद भी किसी ठोस निष्कर्ष तक नहीं पहुंच सकी है। पुलिस और विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच समिति समानांतर रूप से मामले की पड़ताल कर रही हैं, लेकिन अब तक न तो चोरी करने वाले का पता चल सका है और न ही प्रश्नपत्रों का सुराग मिला है।

अंदरूनी मिलीभगत की आशंका गहराई

जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनसे मामले में अंदरूनी मिलीभगत की आशंका और गहरा गई है। गांधी नगर पुलिस अधिकारियों के अनुसार विश्वविद्यालय परिसर के सीसीटीवी फुटेज की जांच में कोई बाहरी व्यक्ति संदिग्ध रूप से प्रवेश करता दिखाई नहीं दिया।


ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि प्रश्नपत्र विवि के भीतर से ही गायब किए गए। हालांकि पुलिस नेसंभावना व्यक्त की है कि विवि के पीछे की टूटी हुई दीवार से कोई अंदर आ सकता है। परीक्षा शाखा के अधिकारियों, कर्मचारियों व सुरक्षा कर्मियों से पूछताछ जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना के समय किन-किन लोगों के बीच संपर्क था और उनकी लोकेशन कहां थी। जिन विषयों के प्रश्नपत्र चोरी हुए, उन परीक्षार्थियों की भूमिका की भी जांच से इनकार नहीं किया गया है।

गार्ड के बयान पर भी सवाल

पुलिस का कहना है कि जांच में यह भी सामने आया है कि जिस कक्ष में गोपनीय प्रश्नपत्र रखे गए थे, वहां सीसीटीवी कैमरे ही नहीं लगाए गए थे। इसके कारण यह पता लगाना मुश्किल हो गया है कि घटना के समय कमरे में कौन आया और कौन बाहर गया। पुलिस ने सुरक्षा गार्ड के बयान पर भी सवाल उठाए हैं। गार्ड ने एक साथ तीन स्थानों पर ड्यूटी होने की बात कही है, जिसकी सत्यता की जांच की जा रही है।

यह भी पढ़ें- RGPV पेपर चोरी मामला: परीक्षा नियंत्रक का बड़ा आरोप; 'मुझे हटाने के लिए रचा गया षड्यंत्र, प्रबंधन ने नहीं लगाए CCTV'

पूर्व परीक्षा प्रभारी ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

तत्कालीन परीक्षा प्रभारी डा. अर्चना तिवारी ने विवि प्रबंधन को सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही का जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने अपने स्तर पर घटना के समय की लोकेशन और काल डिटेल की जांच कराने के लिए पुलिस को सूची भी सौंपी है।

उन्होंने आशंका जताई कि विश्वविद्यालय के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से यह पूरी साजिश रची गई हो सकती है। उनका आरोप है कि कई विभागों का प्रभार उनके पास होने से कुछ लोग असंतुष्ट थे और उन्हें परीक्षा नियंत्रक के पद से हटाने के उद्देश्य से इस घटना को अंजाम दिया गया।