UGC के नए नियमों के विरोध में रोशनपुरा चौराहे पर प्रदर्शन; भोपाल में स्वर्ण समाज ने उठाई सवर्ण सुरक्षा कानून की मांग
भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर यूजीसी के नए नियमों की समीक्षा और रोल बैक की मांग को लेकर स्वर्ण समाज ने प्रदर्शन किया।
Publish Date: Sat, 26 Sep 2026 04:16:33 PM (IST)Updated Date: Sat, 26 Sep 2026 04:29:10 PM (IST)
यूजीसी के नए नियमों की समीक्षा और रोल बैक की मांग को लेकर स्वर्ण समाज ने प्रदर्शन किया। नईदुनिया।HighLights
- भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर यूजीसी का विरोध
- रोल बैक की मांग को लेकर स्वर्ण समाज ने प्रदर्शन किया
- आरक्षण व्यवस्था में आर्थिक आधार को प्राथमिकता देने की मांग
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। यूजीसी के नए नियमों की समीक्षा और आर्थिक आधार पर आरक्षण को प्राथमिकता देने की मांग को लेकर यूजीसी संघर्ष समिति, भोपाल एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े स्वर्ण समाज के प्रतिनिधियों ने शनिवार को रोशनपुरा चौराहे पर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी के नए नियमों और दिशा-निर्देशों की समीक्षा कर असमानता या भेदभाव की आशंका वाले प्रावधानों में आवश्यक संशोधन अथवा उन्हें वापस लेने की मांग की।
समिति की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने संयुक्त प्रेस वार्ता भी की। इसमें शिक्षा व्यवस्था में समानता, सामाजिक समरसता और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण से जुड़े मुद्दे उठाए गए।
चार प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी के नए नियमों की समीक्षा एवं वापसी की मांग के साथ आरक्षण व्यवस्था में आर्थिक आधार को प्राथमिकता देने की बात कही। समिति ने आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों के हित में प्रभावी नीतिगत पहल की मांग की।
इसके अलावा अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के दुरुपयोग की रोकथाम की मांग करते हुए वास्तविक पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा और झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के मामलों में नियमानुसार निष्पक्ष जांच की मांग की गई।
समिति ने सवर्ण सुरक्षा अधिनियम बनाने की मांग भी रखी। प्रेस नोट में कहा गया कि सवर्ण समाज के नागरिकों के साथ होने वाले अन्याय, उत्पीड़न और भेदभाव से संरक्षण के लिए अलग कानून बनाया जाए तथा शिकायत, कानूनी सहायता और न्याय की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
आंदोलन जारी रखने की बात
यूजीसी संघर्ष समिति ने कहा कि विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि इन मांगों के समर्थन में एकजुट हैं। समिति के अनुसार, मांगों के समर्थन में आगे भी आंदोलन, जनजागरण और संवाद की गतिविधियां जारी रखी जाएंगी।