एमपी में 8 जून से शिक्षकों के होंगे तबादले, तबादला नीति के तहत पहले प्रशासनिक फिर स्वैच्छिक आधार पर होंगे ट्रांसफर
राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक कर्मचारियों के प्रशासनिक एवं स्वैच्छिक स्थानांतरण (Transfers) के लिए अपनी विस्तृत और विधिक गाइडलाइन जारी कर दी है।
Publish Date: Sat, 06 Jun 2026 09:53:28 PM (IST)Updated Date: Sun, 07 Jun 2026 07:28:56 AM (IST)
शिक्षा विभाग ने लागू की अपनी अलग ट्रांसफर पॉलिसी।HighLights
- स्कूल शिक्षा विभाग की नई ट्रांसफर गाइडलाइन जारी
- अंतर्जिला और राज्य कैडर के लिए ऑनलाइन आवेदन
- शिक्षा विभाग ने लागू की अपनी अलग ट्रांसफर पॉलिसी
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक कर्मचारियों के स्थानांतरण के लिए नई गाइडलाइन जारी कर दी है। इसके तहत तबादला प्रक्रिया आठ जून से शुरू होकर 15 जुलाई तक चलेगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। नीति के मुताबिक सबसे पहले प्रशासनिक आधार पर तबादले किए जाएंगे, जिसके बाद रिक्त पदों की स्थिति देखकर स्वैच्छिक (इच्छाधारी) ट्रांसफर के अवसर मिलेंगे।
सत्र 2026-27 के लिए ट्रांसफर की समय सारणी (Timeline)
नीति के साथ ही सत्र 2026-27 के लिए प्रशासनिक और स्वैच्छिक स्थानांतरण का पूरा शेड्यूल (टाइमलाइन) भी जारी कर दिया गया है, जो इस प्रकार है:
- प्रशासनिक प्रस्ताव पंजीयन (अंतर्जिला): 8 जून से 15 जून
- प्रशासनिक प्रस्ताव पंजीयन (जिला, संभाग एवं राज्य कॉडर): 8 जून से 17 जून
- पोर्टल पर रिक्त पदों का प्रदर्शन: 18 जून
- स्वैच्छिक ट्रांसफर के लिए ऑनलाइन आवेदन: 19 जून से 23 जून
- डाटा प्रोसेसिंग एवं प्रशासकीय अनुमोदन: 24 जून से 26 जून
- ऑनलाइन ट्रांसफर आदेश जारी होना: 28 जून से 30 जून
- भारमुक्ति (Relieving) और कार्यभार ग्रहण करना: 30 जून से 06 जुलाई
- आदेश के विरुद्ध ऑनलाइन अभ्यावेदन (Grievance): 01 जुलाई से 07 जुलाई
- अभ्यावेदनों का निराकरण: 15 जुलाई तक
अतिशेष शिक्षकों के लिए नियम
नई नीति के तहत स्कूलों में शिक्षकों का संतुलन बनाने पर विशेष जोर है। जिन स्कूलों में जरूरत से ज्यादा (अतिशेष) शिक्षक हैं, उन्हें कमी वाले स्कूलों में भेजा जाएगा। छात्र हित में अतिशेष शिक्षकों का तबादला शैक्षणिक सत्र के बीच भी काउंसलिंग के जरिए कभी भी किया जा सकेगा। किसी संस्था में सबसे लंबे समय से कार्यरत शिक्षक को अतिशेष माना जाएगा।
प्रशासनिक स्थानांतरण से छूट और विशेष श्रेणियों को प्राथमिकता
नीति के अनुसार, जिन अधिकारियों-कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति में एक वर्ष या उससे कम का समय बचा है, उनका प्रशासनिक तबादला नहीं किया जाएगा। इसके अलावा गंभीर बीमारी, विधवा, तलाकशुदा या परित्यक्ता महिलाओं को गृह जिले या सुविधाजनक स्थान पर पदस्थापना में प्राथमिकता मिलेगी। वहीं, ट्रांसफर के बाद पुराने संस्थान से वेतन आहरण पर पूरी तरह रोक रहेगी। आदेश का पालन न करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता पर शिक्षक संगठन का विरोध
शासकीय शिक्षक संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने स्वैच्छिक तबादलों के लिए ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता पर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि यह नियम सालों से ट्रांसफर का इंतजार कर रहे शिक्षकों के साथ अन्याय है, इसे तुरंत हटाया जाना चाहिए। दूसरी ओर शासन का दावा है कि ऑनलाइन व्यवस्था से प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष रहेगी।
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स्थानांतरण नीति के प्रमुख नियम और शर्तें
- पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन- सभी प्रशासनिक और स्वैच्छिक स्थानांतरण आदेश एजुकेशन पोर्टल के माध्यम से केवल ऑनलाइन ही जारी किए जाएंगे। ऑफलाइन आवेदनों को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
- स्वैच्छिक ट्रांसफर के लिए 'ई-अटेंडेंस' अनिवार्य- स्वैच्छिक (Voluntary) ट्रांसफर के लिए केवल वही शिक्षक पात्र होंगे जो नियमित रूप से ई-अटेंडेंस लगा रहे हैं। इस वर्ष के लिए शैक्षणिक सत्र 2025-26 में जनवरी से मार्च तक नियमित ई-अटेंडेंस लगाने वाले लोकसेवक ही आवेदन कर सकेंगे।
- 3 साल तक दोबारा आवेदन नहीं- एक बार स्वैच्छिक स्थानांतरण होने के बाद, विशेष परिस्थितियों को छोड़कर, आगामी 03 शैक्षणिक सत्रों तक उस शिक्षक के दोबारा ट्रांसफर के आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। इसके अलावा, नवनियुक्त परिवीक्षाधीन (Probationary) शिक्षकों का ट्रांसफर विशिष्ट विद्यालयों के बाहर नहीं किया जा सकेगा।
- कोई भी स्कूल नहीं होगा 'शिक्षक विहीन'- प्रशासनिक या स्वैच्छिक तबादले करते समय विभाग यह विशेष ध्यान रखेगा कि कोई भी विद्यालय शिक्षक विहीन (बिना शिक्षक के) न हो जाए।