MP में शिक्षकों का उपवास व सत्याग्रह: भोपाल में चलाया चरखा, ई-अटेंडेंस समाप्त करने और TET अनिवार्यता हटाने की मांग
भोपाल के नीलम पार्क में छठवें दिन हजारों शिक्षक जुटे और बापू की प्रतिमा के सामने चरखा चलाकर सत्य, स्वावलंबन और अहिंसक संघर्ष का संदेश दिया
Publish Date: Fri, 02 Oct 2026 05:09:13 PM (IST)Updated Date: Fri, 02 Oct 2026 05:09:13 PM (IST)
नीलम पार्क में शिक्षकों का धरना छठवें दिन भी जारी। सौ- आयोजकHighLights
- भोपाल के नीलम पार्क में छठवें दिन अनिश्चितकालीन धरना जारी
- इंदौर और भोपाल समेत कई जिलों के शिक्षक शामिल हुए
- बापू के चित्र के सामने चरखा चलाकर जताया विरोध
नईदुनिया, प्रतिनिधि, भोपाल। अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा मध्य प्रदेश के बैनर तले अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलनरत शिक्षकों ने गांधी जयंती के अवसर पर अनोखे ढंग से विरोध दर्ज कराया। 2 अक्टूबर को प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों पर शिक्षकों ने उपवास रखकर सत्याग्रह किया और प्रशासन के माध्यम से सरकार को तीन सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।
वहीं, राजधानी भोपाल के नीलम पार्क में जारी अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन के छठवें दिन इंदौर और भोपाल समेत कई जिलों से पहुंचे हजारों शिक्षकों ने हुंकार भरी।
चरखा चलाकर अहिंसक संघर्ष का संदेश
गांधी जयंती के मौके पर आंदोलन को पूरी तरह अहिंसक और सत्याग्रह का रूप देते हुए शिक्षकों ने धरना स्थल पर बापू की फोटो के समक्ष चरखा चलाकर सूत काता। शिक्षकों ने संदेश दिया कि चरखा सत्य, स्वावलंबन और अहिंसक संघर्ष का प्रतीक है।
वे महात्मा गांधी के बताए सत्य व अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए शांतिपूर्ण तरीके से सरकार का ध्यान अपनी जायज मांगों की ओर आकर्षित कर रहे हैं।
शिक्षकों की तीन मुख्य मांगें
1. वरिष्ठता की गणना: प्रथम नियुक्ति दिनांक से सेवा अवधि एवं वरिष्ठता की गणना की जाए।
2. टीईटी की बाध्यता: शिक्षकों के लिए टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता को समाप्त किया जाए।
3. ई-अटेंडेंस का विरोध: विद्यालयों में लागू की गई ई-अटेंडेंस व्यवस्था को तत्काल वापस लिया जाए।
मांगों के निराकरण तक जारी रहेगा आंदोलन
धरना स्थल पर जुटे शिक्षक नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार उनकी तीनों प्रमुख मांगों का तर्कसंगत निराकरण नहीं करती, तब तक उनका यह आंदोलन लोकतांत्रिक, संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से लगातार जारी रहेगा। आंदोलनकारियों का कहना है कि वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए पीछे नहीं हटने वाले हैं।