
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। ईंटखेड़ी क्षेत्र के लांबाखेड़ा में एक किशोरी ने भभूत समझकर चूहामार दवा खा ली। कुछ देर बाद अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी और फिर दो दिन बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। किशोरी की मां ने चूहों को मारने के लिए घर के मंदिर में दवा रखी थी। किशोरी ने पूजा के बाद भभूत के धोखे में उसे खा लिया था। ईंटखेड़ी पुलिस ने घायल अवस्था के दौरान किशोरी के बयान दर्ज किए थे, जिससे मौत के कारणों का पता चला है।
एएसआई सुरेंद्र बाजपेयी ने बताया कि 17 वर्षीय वैष्णवी सेन लांबाखेड़ा क्षेत्र में रहती थी। वह एक निजी स्कूल में 12वीं कक्षा की छात्रा थी। छह फरवरी की सुबह उसने पूजा वाले कमरे में स्थित मंदिर में पूजा की थी। इसके बाद वहां रखी चूहामार दवा को भभूत समझकर खा लिया। कुछ देर बाद जब वह कोचिंग से लौटी तो अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी। स्वजन उसे निजी अस्पताल लेकर पहुंचे।
वहां हालत में सुधार न होने पर अगले दिन डॉक्टरों ने उसे हमीदिया अस्पताल में रेफर कर दिया, जहां रविवार शाम को इलाज के दौरान छात्रा ने दम तोड़ दिया। छात्रा के स्वजनों ने पुलिस को बताया कि घर में चूहों की समस्या है। वे पूजा वाले घर में छुप जाते थे। इसीलिए मंदिर में दवा रखी थी। पुलिस आगे की कार्रवाई के लिए फिलहाल पीएम रिपोर्ट के इंतजार में है।
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