• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • भोपाल

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 01, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Ken Betwa Link Project : छतरपुर जिले में प्रस्तावित बांध निर्माण के लिए जल्द जारी होगी निविदा

Ken Betwa Link Project : निविदा की शर्तें तैयार कर रहा केन-बेतवा लिंक परियोजना प्राधिकरण

By Hemant Kumar UpadhyayEdited By: Hemant Kumar Upadhyay
Publish Date: Thu, 01 Sep 2022 06:30:49 PM (IST)Updated Date: Thu, 01 Sep 2022 08:45:45 PM (IST)
Ken Betwa Link Project : छतरपुर जिले में प्रस्तावित बांध निर्माण के लिए जल्द जारी होगी निविदा

Ken Betwa Link Project : भोपाल (राज्य ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र की प्यास बुझाने के लिए केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत छतरपुर जिले में प्रस्तावित ढोढन बांध निर्माण के लिए जल्द ही निविदा (टेंडर) निकाली जा सकती है। केन-बेतवा लिंक परियोजना प्राधिकरण इसकी शर्तें तय कर रहा है। वहीं छतरपुर और पन्ना जिला प्रशासन उन 21 गांवों की संपत्ति का सर्वे करवा रहा है, जिन्हें विस्थापित कर पन्ना टाइगर रिजर्व के विकास के लिए भूमि दी जानी है।

प्रदेश में लगातार हो रही वर्षा के कारण इस काम में देरी हुई है। अब वर्षा का दौर थम रहा है। ऐसे में सर्वे को गति देने के लिए जल संसाधन विभाग के अधिकारी अगले हफ्ते छतरपुर पहुंच रहे हैं।


पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का सपना जल्द साकार होने की उम्मीद बंधी है। भोपाल में खोला जा रहा प्राधिकरण का कार्यालय इस माह के अंत तक काम शुरू कर देगा।

इसके बाद परियोजना से संबंधित छोटे कामों के लिए अधिकारियों को दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा। भोपाल में ही बैठकें होंगी, निर्णय लिए जाएंगे और यहीं से परियोजना के कामों की निगरानी होगी। अधिकारी बताते हैं कि अक्टूबर अंत तक निविदा जारी की जा सकती हैं। परियोजना के लिए केंद्रीय कैबिनेट ने जनवरी-2022 में 39 हजार 317 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इसमें से 1400 करोड़ रुपये मध्य प्रदेश को दे दिए हैं। जिससे सर्वे सहित अन्य कार्य किए जा रहे हैं।

बांध में पार्क बना अड़चन

बांध के निर्माण में पन्‍ना टाइगर रिजर्व बड़ी अड़चन है। जहां से वन्यप्राणियों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाना है। इसके लिए पार्क से सटे गांव खाली कराए जाने हैं। इसी का सर्वे कराया जा रहा है। इसमें गांव के प्रत्येक रहवासी की कृषि भूमि, आवासीय भूमि सहित अचल संपत्ति का आकलन हो रहा है।

यह काम पूरा होने के बाद लेंड ट्रांसफर (राजस्व से वनभूमि में परिवर्तित) की जाएगी। आगे की कार्रवाई उसके बाद ही शुरू होगी। 10 गांव डूब क्षेत्र में आ रहे हैं। इनमें छतरपुर जिले के ढोढ़न, खरियानी, भोरखुआं, पलकौहां, सुकवाहा, कुपी, नैगुवां, शाहपुरा, मैनारी, पाठापुर शामिल हैं। सरकार इन गांवों की भूमि अधिग्रहीत करेगी।

कोर एरिया का होगा विस्तार

डूब क्षेत्र के बाहर रहने वाले 11 गांवों में पार्क के कोर एरिया का विस्तार किया जाएगा। पार्क की छह हजार 17 हेक्टेयर भूमि डूब रही है। इसमें से 4141 हेक्टेयर भूमि कोर एरिया की है। इसकी भरपाई छतरपुर और पन्न्ा जिले के गांव कोनी, मरहा, पाठापुर, कटहरी-बिल्हारा, मझौली, कोनी, गहदरा, खमरी, कूड़न, नैगुवां, डुंगरिया, घुघरी, बसुधा, कदवारा का विस्थापन होगा। इन गांवों की 4396 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है।

परियोजना एक नजर में ...

परियोजना की लागत : 44 हजार 605 करोड़ रुपये

केंद्र सरकार देगी : 90 प्रतिशत राशि

राज्य सरकार देंगी : 5-5 प्रतिशत राशि

केन-बेसिन से उप्र में सिंचाई : 2.27 लाख हेक्टेयर

केन-बेसिन से मप्र में सिंचाई : 4.47 लाख हेक्टेयर

बेतवा बेसिन से मप्र में सिंचाई : 2.06 लाख हेक्टेयर

मध्य प्रदेश के हिस्से में जाएगी : बिजली