
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश में नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष के चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली यानी पार्षदों के माध्यम से कराया गया था। अधिनियम में संशोधन करके फिर प्रत्यक्ष प्रणाली यानी सीधे मतदाताओं से चुनाव की व्यवस्था लागू कर दी गई।
निवाड़ी जिले की नगर परिषद जैरोन खालसा के अध्यक्ष के प्रति पार्षदों ने अविश्वास जताया। अब अध्यक्ष को हटाने के लिए खाली कुर्सी-भरी कुर्सी मतदान होगा। यदि कुल मतदान का 50 प्रतिशत अध्यक्ष को हटाने के लिए वोट होता है तो उन्हें पद से हटा दिया जाएगा।
इसके साथ ही 23 निकायों के पार्षदों के रिक्त पदों के अलावा सभी जिलों में पंचायतों के रिक्त पदों के लिए चुनाव कराया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव की तैयारी प्रारंभ कर दी है और इसी माह चुनाव कार्यक्रम घोषित किया जा सकता है।
प्रदेश में वर्ष 2022 में नगरीय निकायों के चुनाव हुए थे। तब यह प्रावधान किया गया था कि अध्यक्ष सीधे जनता से न चुनकर पार्षदों के माध्यम से चुना जाएगा। बाद में इस प्रावधान को संशोधित किया गया। इसके अनुसार अब खाली कुर्सी भरी कुर्सी का चुनाव होगा।
इसमें संबंधित नगरीय क्षेत्र के सभी मतदाताओं द्वारा मतदान किया जाएगा। इसके साथ ही नगर पालिका टीकमगढ़ के साथ नगर परिषद सुसनेर और कुक्षी के अध्यक्ष पद के लिए उपचुनाव होगा।
इंदौर, ग्वालियर, सागर, कटनी, खंडवा, छिंदवाड़ा नगर निगम के साथ अन्य निकायों में रिक्त पदों पर चुनाव कराया जाएगा। इसके साथ ही 31 जुलाई 2026 की स्थिति में जिला व जनपद पंचायत सदस्य, सरपंच और पंच के रिक्त पदों की पूर्ति के लिए चुनाव होगा। इसमें लगभग दो हजार पंच के पद शामिल हैं। आयोग के अधिकारियों का कहना है कि मतदाता सूची तैयार हो चुकी है और उसके आधार पर ही चुनाव कराया जाएगा।